कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र से साइबर ठगी और फर्जीवाड़े का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने बैंकिंग सिस्टम और GST नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक युवक को जान से मारने की धमकी देकर उसका बैंक खाता खुलवाया गया और फिर उसी खाते के जरिए करोड़ों के अवैध लेनदेन को अंजाम दिया गया। युवक ने शुक्रवार को थाना चकेरी में प्राथमिकी दर्ज कराकर नितिन, शिवा, आकाश, महफ़ूज़ आलम उर्फ पप्पू छुरी और मेहताब के ख़िलाफ़ ठोस कार्रवाई की मांग की है। जूही परमपुरवा निवासी निखिल कुमार, जो एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करता है, इस पूरे खेल का शिकार बन गया। उसकी पहचान के शिवा ने उसे नितिन और आकाश से मिलवाया।ज्यादा कमाई का झांसा देकर उसे अपने जाल में फंसाया गया। जबर्दस्ती खुलवाया खाता, बदला मोबाइल नंबर
अक्टूबर 2025 में आरोपियों ने निखिल को एक्सिस बैंक की रामादेवी शाखा ले जाकर एक फर्म के नाम पर जबरन खाता खुलवाया। इसके बाद खेल और गहरा हो गया। आरोप है कि आधार कार्ड अपने कब्जे में लेक बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर बदलवा। जिससे उसे ट्रांजक्शन की जानकारी नहीं मिल पाई और खाते का पूरा कंट्रोल आरोपियों के हाथ में चला गया। फर्जी GST बिलिंग से करोड़ों का खेल
पीड़ित के मुताबिक, उसके खाते का इस्तेमाल फर्जी GST इनवॉइस के जरिए करोड़ों रुपये के लेनदेन में किया गया। मोबाइल नंबर बदल जाने के कारण उसे किसी भी ट्रांजेक्शन की भनक तक नहीं लगी। विरोध किया तो मिली जान से मारने की धमकी
जब निखिल को इस पूरे फर्जीवाड़े का एहसास हुआ और उसने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी। डर के साए में जी रहा युवक लंबे समय तक चुप रहा। एफआईआर में महफूज उर्फ पप्पू छुरी और मेहताब का भी जिक्र है, जिन्हें इस संगठित गिरोह का हिस्सा बताया जा रहा है। आरोप है कि ये लोग फर्जी कंपनियां बनाकर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। 1600 करोड़ का संदिग्ध लेनदेन
पुलिस की जांच में 12 बैकों के 68 16 फ़रवरी की रात चकेरी के श्यामनगर क्षेत्र में हुई लूट की घटना के बाद पुलिस की जांच में 12 बैंकों से 68 खातों के माध्यम से 1600 करोड़ के लेनदेन सामने आया था। कारोबारी महफ़ूज़ आलम उर्फ पप्पू छुरी का नाम चर्चा में आया था। इसके बाद से आरोपी फरार चल रहा है। इस मामले में ईडी, आयकर, जीएसटी और आरबीआई शामिल की गई। पुलिस ने अबतक इस मामले से जुड़े 6 आरोपी को गिरफ़्तार कर चुकी है। वहीं, जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि इस पैसे का इस्तेमाल टेरर फंडिंग या देश विरोधी गतिविधियों में किया जा सकता था, क्योंकि कुछ संदिग्धों की लोकेशन दिल्ली और कश्मीर में मिली। घटना के 3 महीने से अधिक होने के बावजूद आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगा। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। जल्द गिरफ़्तार कर कार्रवाई की जाएगी।


