इज़रायल (Israel) और लेबनान (Lebanon) के आतंकी संगठन हिज़बुल्लाह (Hezbollah) के बीच युद्ध जारी है। जब अमेरिका (United States of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दोनों देशों के बीच सीज़फायर कराया था, तब लगा था कि इज़रायल अपने हमले रोक देगा। ट्रंप ने इसका आश्वासन भी दिया था, लेकिन ट्रंप के आश्वासन की धज्जियाँ उड़ाते हुए इज़रायली सेना ने बार-बार सीज़फायर का उल्लंघन किया।
हिज़बुल्लाह के 1,100 से ज़्यादा ठिकानों पर किया हमला
इज़रायल और लेबनान के बीच 16 अप्रैल को ट्रंप की मध्यस्थता में सीज़फायर हुआ था जिसके बाद लगा था कि हमले रुक जाएंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इज़रायल के हमले जारी हैं। अब जानकारी सामने आई है कि सीज़फायर के बाद से अब तक इज़रायली सेना के हमलों में 1,100 से ज़्यादा ठिकानों पर हमला किया गया है। इससे हिज़बुल्लाह को भारी नुकसान हुआ है। इनमें हिज़बुल्लाह के ठिकाने, हथियार, हथियार डिपो और आधारभूत ढांचा शामिल हैं।
350 से अधिक आतंकियों की मौत
सीज़फायर के बाद से इज़रायली सेना के हमलों में अब तक हिज़बुल्लाह 350 से अधिक आतंकी मारे गए हैं। इज़रायली सेना ने इस बात का दावा किया है।
अब तक कितने लोगों की हुई मौत?
2 मार्च को दोनों पक्षों के बीच फिर से शुरू हुए युद्ध की वजह से अब तक लेबनान में करीब 2,846 लोग मारे गए हैं, जिनमें कई निर्दोष लोग भी शामिल हैं। वहीं सीज़फायर लागू होने के बाद से हुई मौतों पर गौर किया जाए, तो 16 अप्रैल से अब तक करीब 600 निर्दोष लोग इज़रायली सेना के हमलों में मारे जा चुके हैं।
इज़रायली सेना ने तेज़ की कार्रवाई, हिज़बुल्लाह भी एक्टिव
हिज़बुल्लाह के खिलाफ इज़रायली सेना ने अपनी कार्रवाई तेज़ कर दी है और ट्रंप के सीज़फायर के बावजूद साउथ लेबनान में हमले बढ़ा दिए हैं। वहीं इज़रायल को जवाब देने के लिए हिज़बुल्लाह भी पूरी तरह से एक्टिव है और क्षेत्र में इज़रायली सैनिकों पर हमला करने के साथ ही नॉर्थ इज़रायल में समय-समय पर ड्रोन अटैक्स कर रहा है। हालांकि इज़रायली सेना के लगातार हमलों के आगे हिज़बुल्लाह को कुछ खास कामयाबी नहीं मिल रही। इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) साफ कर चुके हैं कि जब तक उनकी शर्तें नहीं मान ली जाती, तब तक हिज़बुल्लाह के खिलाफ लेबनान में इज़रायली सेना की कार्रवाई जारी रहेगी।


