एएनएम कॉलेज में पॉश एक्ट पर जागरूकता शिविर:कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ महिलाओं को कानूनी अधिकार बताए गए

एएनएम कॉलेज में पॉश एक्ट पर जागरूकता शिविर:कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ महिलाओं को कानूनी अधिकार बताए गए

शिवहर के राजकीय एएनएम ट्रेनिंग कॉलेज में कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न अधिनियम पर एक महत्वपूर्ण कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष दीपक कुमार के मार्गदर्शन और सचिव ललन कुमार रजक के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मोहन कुमार ने छात्राओं और कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना संस्थान की कानूनी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोश एक्ट केवल शारीरिक उत्पीड़न तक सीमित नहीं है, बल्कि अश्लील टिप्पणियां, अनुचित व्यवहार या किसी भी प्रकार का मानसिक दबाव बनाना भी इसके दायरे में आता है। ICC के महत्व पर दी जानकारी कार्यक्रम में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के महत्व पर विशेष जानकारी दी गई। बताया गया कि जिस संस्थान में 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हों, वहां आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है, ताकि पीड़ित महिला अपनी शिकायत दर्ज करा सके। वहीं, 10 से कम कर्मियों वाले संस्थानों के लिए जिला स्तर पर स्थानीय समिति गठित की गई है। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें इलेक्ट्रॉनिक माध्यम “SHe-Box” के जरिए भी दर्ज कराई जा सकती हैं। यह मंच महिलाओं को अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा प्रदान करता है। आत्मविश्वास के साथ काम करने के लिए किया प्रेरित अधिवक्ता नंदनी सुमन ने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सजगता ही सबसे बड़ा बचाव है और कानून महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाया गया है, इसलिए किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ आवाज उठाने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने पोश एक्ट की विभिन्न धाराओं की भी जानकारी दी। इस अवसर पर एएनएम कॉलेज की प्राचार्या विनोद कुमार, हॉस्टल वार्डन सोफी, कॉलेज स्टाफ, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वालंटियर्स (PLVs) तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं के कानूनी सवालों के जवाब दिए गए तथा विधिक सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 15100 की जानकारी भी साझा की गई। शिवहर के राजकीय एएनएम ट्रेनिंग कॉलेज में कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न अधिनियम पर एक महत्वपूर्ण कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष दीपक कुमार के मार्गदर्शन और सचिव ललन कुमार रजक के निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मोहन कुमार ने छात्राओं और कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना संस्थान की कानूनी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोश एक्ट केवल शारीरिक उत्पीड़न तक सीमित नहीं है, बल्कि अश्लील टिप्पणियां, अनुचित व्यवहार या किसी भी प्रकार का मानसिक दबाव बनाना भी इसके दायरे में आता है। ICC के महत्व पर दी जानकारी कार्यक्रम में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के महत्व पर विशेष जानकारी दी गई। बताया गया कि जिस संस्थान में 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हों, वहां आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है, ताकि पीड़ित महिला अपनी शिकायत दर्ज करा सके। वहीं, 10 से कम कर्मियों वाले संस्थानों के लिए जिला स्तर पर स्थानीय समिति गठित की गई है। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतें इलेक्ट्रॉनिक माध्यम “SHe-Box” के जरिए भी दर्ज कराई जा सकती हैं। यह मंच महिलाओं को अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा प्रदान करता है। आत्मविश्वास के साथ काम करने के लिए किया प्रेरित अधिवक्ता नंदनी सुमन ने छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सजगता ही सबसे बड़ा बचाव है और कानून महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाया गया है, इसलिए किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ आवाज उठाने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने पोश एक्ट की विभिन्न धाराओं की भी जानकारी दी। इस अवसर पर एएनएम कॉलेज की प्राचार्या विनोद कुमार, हॉस्टल वार्डन सोफी, कॉलेज स्टाफ, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वालंटियर्स (PLVs) तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं के कानूनी सवालों के जवाब दिए गए तथा विधिक सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 15100 की जानकारी भी साझा की गई।  

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