दरभंगा के लहेरियासराय स्थित दरबार बैंक्वेट हॉल में आज राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा और परशुराम सेवा संस्थान की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सह राष्ट्रीय संयोजक ई आशुतोष कुमार झा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। आचार्य मुनिंद्र मिश्र लिखित स्रोत आरती संग्रह का विमोचन किया गया। जिसमें सभी देवी-देवताओं की आरती और स्त्रोत संस्कृत भाषा में लिखे गए हैं। बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संयोजक ईo आशुतोष कुमार झा ने कहा कि 14 जून 2026 से 20 जून 2027 तक संगठन की ओर से “20वां साल बेमिसाल” कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस दौरान हर ब्राह्मण परिवार को सदस्यता अभियान से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले एक साल में संगठन को व्यापक स्तर पर मजबूत और सक्रिय बनाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कुछ नीतिगत मुद्दों पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि संगठन अलग-अलग कानूनों और नीतियों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा और सामाजिक स्तर पर जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और आगे वाले कार्यक्रमों को सफल बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। प्रदेश अध्यक्ष ईं झा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संगठन लंबे समय से आरक्षण के खिलाफ संघर्ष कर रहा है और आगे इसे लेकर आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है और इसे आर्थिक आधार पर लागू किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी जाति या धर्म के गरीब व्यक्ति को इसका लाभ मिल सके। उनके अनुसार मौजूदा व्यवस्था सामाजिक असंतुलन और अन्याय को बढ़ावा देती है। प्रदेश अध्यक्ष ने राजनीतिक दलों पर भी आरोप लगाया कि वे आरक्षण को वोट बैंक की राजनीति के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अलग-अलग वर्गों में समानता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए इस मुद्दे पर व्यापक बहस और सुधार जरूरी है। साथ ही उन्होंने ब्राह्मण समाज से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज को एक मंच पर लाना और अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से मजबूत करना है। दरभंगा के लहेरियासराय स्थित दरबार बैंक्वेट हॉल में आज राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा और परशुराम सेवा संस्थान की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सह राष्ट्रीय संयोजक ई आशुतोष कुमार झा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। आचार्य मुनिंद्र मिश्र लिखित स्रोत आरती संग्रह का विमोचन किया गया। जिसमें सभी देवी-देवताओं की आरती और स्त्रोत संस्कृत भाषा में लिखे गए हैं। बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संयोजक ईo आशुतोष कुमार झा ने कहा कि 14 जून 2026 से 20 जून 2027 तक संगठन की ओर से “20वां साल बेमिसाल” कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस दौरान हर ब्राह्मण परिवार को सदस्यता अभियान से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले एक साल में संगठन को व्यापक स्तर पर मजबूत और सक्रिय बनाया जाएगा। साथ ही उन्होंने कुछ नीतिगत मुद्दों पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि संगठन अलग-अलग कानूनों और नीतियों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा और सामाजिक स्तर पर जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और आगे वाले कार्यक्रमों को सफल बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। प्रदेश अध्यक्ष ईं झा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संगठन लंबे समय से आरक्षण के खिलाफ संघर्ष कर रहा है और आगे इसे लेकर आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है और इसे आर्थिक आधार पर लागू किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी जाति या धर्म के गरीब व्यक्ति को इसका लाभ मिल सके। उनके अनुसार मौजूदा व्यवस्था सामाजिक असंतुलन और अन्याय को बढ़ावा देती है। प्रदेश अध्यक्ष ने राजनीतिक दलों पर भी आरोप लगाया कि वे आरक्षण को वोट बैंक की राजनीति के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अलग-अलग वर्गों में समानता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए इस मुद्दे पर व्यापक बहस और सुधार जरूरी है। साथ ही उन्होंने ब्राह्मण समाज से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज को एक मंच पर लाना और अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से मजबूत करना है।


