जमुई के खैरा थाना क्षेत्र में अवैध बालू उठाव का विरोध करने पर एक युवक के साथ मारपीट और जातिसूचक गाली-गलौज का मामला सामने आया है। पीड़ित ने महिलाओं का वीडियो बनाने और अभद्र टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया है। यह घटना 30 अप्रैल की शाम हरियाडीह रविदास टोला में हुई। पीड़ित साकिन्द्र रविदास, पिता घनश्याम रविदास, निवासी हरियाडीह रविदास टोला ने बताया कि 30 अप्रैल की शाम करीब चार बजे गांव की महिलाएं शौच के लिए कोनिया घाट नदी की ओर गई थीं। आरोप है कि उसी दौरान कुछ लोग प्रतिबंधित क्षेत्र से बालू उठाव कर रहे थे और वहां आने-जाने वाली महिलाओं पर बुरी नजर रखते हुए उनका वीडियो बना रहे थे। भौड़ गांव के 10 से 15 लोगों ने उसके साथ मारपीट की साकिन्द्र रविदास ने जब इस बात की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचकर विरोध किया, तो भौड़ गांव के 10 से 15 लोगों ने उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान आरोपितों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने और महिलाओं को उठा ले जाने की धमकी भी दी। पीड़ित ने कहा कि इस घटना से पूरे समाज में अपमान और भय का माहौल है। उसने दावा किया कि घटना से संबंधित वीडियो उसके पास मौजूद है, जिसे वह पुलिस को सौंपेगा। प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध बालू उठाव लंबे समय से जारी पीड़ित ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध बालू उठाव लंबे समय से जारी है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मामले को लेकर एससीएसटी थानाध्यक्ष ज्योति कुमारी ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद पुलिस पदाधिकारी को जांच के लिए घटनास्थल पर भेजा गया है। टीम के लौटते ही प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। जमुई के खैरा थाना क्षेत्र में अवैध बालू उठाव का विरोध करने पर एक युवक के साथ मारपीट और जातिसूचक गाली-गलौज का मामला सामने आया है। पीड़ित ने महिलाओं का वीडियो बनाने और अभद्र टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया है। यह घटना 30 अप्रैल की शाम हरियाडीह रविदास टोला में हुई। पीड़ित साकिन्द्र रविदास, पिता घनश्याम रविदास, निवासी हरियाडीह रविदास टोला ने बताया कि 30 अप्रैल की शाम करीब चार बजे गांव की महिलाएं शौच के लिए कोनिया घाट नदी की ओर गई थीं। आरोप है कि उसी दौरान कुछ लोग प्रतिबंधित क्षेत्र से बालू उठाव कर रहे थे और वहां आने-जाने वाली महिलाओं पर बुरी नजर रखते हुए उनका वीडियो बना रहे थे। भौड़ गांव के 10 से 15 लोगों ने उसके साथ मारपीट की साकिन्द्र रविदास ने जब इस बात की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचकर विरोध किया, तो भौड़ गांव के 10 से 15 लोगों ने उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान आरोपितों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने और महिलाओं को उठा ले जाने की धमकी भी दी। पीड़ित ने कहा कि इस घटना से पूरे समाज में अपमान और भय का माहौल है। उसने दावा किया कि घटना से संबंधित वीडियो उसके पास मौजूद है, जिसे वह पुलिस को सौंपेगा। प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध बालू उठाव लंबे समय से जारी पीड़ित ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध बालू उठाव लंबे समय से जारी है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। मामले को लेकर एससीएसटी थानाध्यक्ष ज्योति कुमारी ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद पुलिस पदाधिकारी को जांच के लिए घटनास्थल पर भेजा गया है। टीम के लौटते ही प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।


