सुपौल जिले के छातापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर पंचायत के वार्ड संख्या एक में रविवार को ट्रैक्टर पलटने से ग्राम कचहरी के वार्ड पंच की दबने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान वार्ड संख्या एक निवासी 55 वर्षीय सुशील कुमार उर्फ कारी मुखिया के रूप में हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुशील कुमार रोज की तरह अपना ट्रैक्टर लेकर घर से पश्चिम स्थित खेत की ओर मक्का का डंठल लाने के लिए निकले थे। बताया जाता है कि खेत की ओर जाने के दौरान वे कुसहा त्रासदी के समय बने एक गड्ढे के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और पलट गया। ट्रैक्टर के नीचे दब जाने से उनकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। लोगों ने बाहर निकाला, तब तक उसकी मौत हो गई
घटना के समय आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने तेज आवाज सुनकर शोर मचाया और मौके की ओर दौड़े। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर के नीचे दबे सुशील कुमार को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही छातापुर थाना के सहायक थानाध्यक्ष संदीप कुमार पुलिस का कहना है कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। दोनों बेटे रोजगार को लेकर बाहर रहते हैं
हादसे के बाद मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है। पत्नी अनिता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जाता है कि मृतक के दो पुत्र हैं, जो रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं। घटना की खबर मिलते ही वे भी घर लौटने की तैयारी में हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक लोग मृतक के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। पूर्व मुखिया मु. हासिम, पंचायत समिति सदस्य भवेश यादव तथा पैक्स अध्यक्ष ललन भुसकुलिया सहित अन्य लोगों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और हरसंभव सहायता देने की मांग की है। सुपौल जिले के छातापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर पंचायत के वार्ड संख्या एक में रविवार को ट्रैक्टर पलटने से ग्राम कचहरी के वार्ड पंच की दबने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान वार्ड संख्या एक निवासी 55 वर्षीय सुशील कुमार उर्फ कारी मुखिया के रूप में हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुशील कुमार रोज की तरह अपना ट्रैक्टर लेकर घर से पश्चिम स्थित खेत की ओर मक्का का डंठल लाने के लिए निकले थे। बताया जाता है कि खेत की ओर जाने के दौरान वे कुसहा त्रासदी के समय बने एक गड्ढे के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और पलट गया। ट्रैक्टर के नीचे दब जाने से उनकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। लोगों ने बाहर निकाला, तब तक उसकी मौत हो गई
घटना के समय आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने तेज आवाज सुनकर शोर मचाया और मौके की ओर दौड़े। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर के नीचे दबे सुशील कुमार को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही छातापुर थाना के सहायक थानाध्यक्ष संदीप कुमार पुलिस का कहना है कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। दोनों बेटे रोजगार को लेकर बाहर रहते हैं
हादसे के बाद मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है। पत्नी अनिता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जाता है कि मृतक के दो पुत्र हैं, जो रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं। घटना की खबर मिलते ही वे भी घर लौटने की तैयारी में हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक लोग मृतक के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। पूर्व मुखिया मु. हासिम, पंचायत समिति सदस्य भवेश यादव तथा पैक्स अध्यक्ष ललन भुसकुलिया सहित अन्य लोगों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और हरसंभव सहायता देने की मांग की है।


