गोपालगंज जिले में पिछले कुछ घंटों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। सुबह से ही थावे, बरौली, सिधवलिया, भोरे, फुलवरिया और हथुआ सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में आसमान काले घने बादलों से घिरा रहा। धूल भरी हवाओं के बाद हुई झमाझम बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। रिमझिम और कभी तेज होती बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं आम जनजीवन को भी प्रभावित किया है। सड़कों पर अचानक पानी भर जाने और दृश्यता कम होने के कारण वाहनों की गति धीमी पड़ गई। एनएच-27 सहित मुख्य मार्गों पर दोपहिया वाहन चालक पेड़ों या दुकानों के नीचे शरण लेते दिखे। दिहाड़ी मजदूरों का कामकाज ठप पड़ गया बारिश की वजह से स्थानीय बाजारों में ग्राहकों की संख्या में काफी कमी आई है। ठेला और खोमचे वाले तथा दिहाड़ी मजदूरों का कामकाज ठप पड़ गया, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं और बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति बाधित हुई। एहतियात के तौर पर कई फीडरों की बिजली काट दी गई ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। शहरवासियों के लिए भले ही यह बारिश थोड़ी असुविधा लेकर आई हो, लेकिन किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश धान की बिचड़ा डालने और खरीफ फसलों के लिए ‘अमृत’ के समान है। वज्रपात (ठनका) की चेतावनी जारी की मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक जिले में इसी तरह के मौसम के बने रहने और वज्रपात (ठनका) की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। गोपालगंज जिले में पिछले कुछ घंटों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। सुबह से ही थावे, बरौली, सिधवलिया, भोरे, फुलवरिया और हथुआ सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में आसमान काले घने बादलों से घिरा रहा। धूल भरी हवाओं के बाद हुई झमाझम बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। रिमझिम और कभी तेज होती बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं आम जनजीवन को भी प्रभावित किया है। सड़कों पर अचानक पानी भर जाने और दृश्यता कम होने के कारण वाहनों की गति धीमी पड़ गई। एनएच-27 सहित मुख्य मार्गों पर दोपहिया वाहन चालक पेड़ों या दुकानों के नीचे शरण लेते दिखे। दिहाड़ी मजदूरों का कामकाज ठप पड़ गया बारिश की वजह से स्थानीय बाजारों में ग्राहकों की संख्या में काफी कमी आई है। ठेला और खोमचे वाले तथा दिहाड़ी मजदूरों का कामकाज ठप पड़ गया, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं और बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति बाधित हुई। एहतियात के तौर पर कई फीडरों की बिजली काट दी गई ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। शहरवासियों के लिए भले ही यह बारिश थोड़ी असुविधा लेकर आई हो, लेकिन किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश धान की बिचड़ा डालने और खरीफ फसलों के लिए ‘अमृत’ के समान है। वज्रपात (ठनका) की चेतावनी जारी की मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक जिले में इसी तरह के मौसम के बने रहने और वज्रपात (ठनका) की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।


