संभल में जामा मस्जिद के नाम पर मुसाफिरखाने और मनोकामना तीर्थ मंदिर को लेकर हुई शिकायत के बाद शुक्रवार को संभल में जुमे की नमाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। बीते मंगलवार को ASI की टीम ने दोनों स्थलों की जांच की थी। शुक्रवार को शाही जामा मस्जिद में करीब 700 से 800 लोगों ने जुमे की नमाज अदा की। इस दौरान RRF और PAC के जवान तैनात रहे। इंस्पेक्टर मोहित चौधरी ने RRF जवानों के साथ इलाके में पैदल गश्त की। तीन रास्तों पर बैरियर, CCTV से निगरानी शुक्रवार दोपहर करीब 1:40 बजे संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित शाही जामा मस्जिद में जुमे की नमाज अदा की गई। शहर इमाम मौलाना आफताब हुसैन वारसी ने नमाज पढ़ाई। करीब 3 बजे तक सभी नमाजी अपने घरों को लौट गए। सत्यव्रत पुलिस चौकी पर बने CCTV कंट्रोल रूम से जामा मस्जिद और आसपास के इलाके पर नजर रखी गई। मस्जिद की ओर आने वाले तीन रास्तों पर बैरियर लगाए गए थे। यहां RRF और PAC के करीब 50 जवान तैनात रहे। नमाज अदा करने वालों के अलावा अन्य लोगों को मस्जिद के अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। 2024 की हिंसा के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी 24 नवंबर 2024 की हिंसा के बाद से जामा मस्जिद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। शुक्रवार को भी पुलिस-प्रशासन ने नमाज के दौरान विशेष सतर्कता बरती। इंस्पेक्टर मोहित चौधरी ने RRF जवानों के साथ क्षेत्र में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। लोगों ने कहा- शांतिपूर्ण माहौल में हुई नमाज सय्यद जमालुद्दीन ने कहा कि मौजूदा माहौल के लिए प्रशासन या सरकार की कोई गलती नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले के मामले के बाद अब स्थिति में सुधार हुआ है और जुमे की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में अदा हुई। इरशाद हुसैन ने बताया कि एक व्यक्ति की मौत होने के कारण नमाज में कुछ देरी हुई। उनके मुताबिक, बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज अदा की और नमाज शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। शिकायत के बाद हुई थी जांच श्रीकल्कि सेना (निष्कलंक दल) के संयोजक सुभाष चंद्र त्यागी की शिकायत के बाद मंगलवार को जामा मस्जिद के नाम पर मुसाफिरखाने और मनोकामना तीर्थ मंदिर से जुड़े स्थल की ASI टीम ने जांच की थी। इसके बाद शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती।

