केजरीवाल को एक और झटका, पंजाब CM भगवंत मान के चचेरे भाई ने थामा BJP का हाथ, बोले- ‘आप’ अपनी नीतियों से भटक गई

केजरीवाल को एक और झटका, पंजाब CM भगवंत मान के चचेरे भाई ने थामा BJP का हाथ, बोले- ‘आप’ अपनी नीतियों से भटक गई

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को एक और झटका लगा है। कुछ ही दिनों पहले ‘आप’ के सात राज्यसभा सांसदों ने भाजपा का हाथ थाम लिया था। अब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं।

भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने पर ज्ञान सिंह मान ने कहा- आम आदमी पार्टी अपनी नीतियों से भटक गई है। पहले उसने कहा था कि वह डॉ बीआर अंबेडकर और भगत सिंह द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलेगी, लेकिन 2022 में सरकार बनाने के बाद से, वह ठीक इसका उल्टा कर रही है।

पंजाब को कर्ज से उठा सकती है भाजपा

ज्ञान ने आगे कहा- मैंने पंजाब के कल्याण के लिए आम आदमी पार्टी में शामिल हुआ था, लेकिन यह पार्टी पंजाब को बर्बाद कर रही है। मैंने पंजाब के कल्याण के लिए भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुआ हूं। BJP ही वह पार्टी है जो पंजाब के कर्ज की समस्याओं का समाधान कर सकती है।

बता दें कि पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव है। ऐसे में मान परिवार के सदस्य का भाजपा में शामिल होना ‘आम आदमी पार्टी’ के लिए बड़ा झटका है। बंगाल में प्रचंड जीत के बाद भाजपा का पूरा फोकस अब पंजाब पर है। पार्टी ‘आप’ को हराने के लिए जोरदार रणनीति पर काम कर रही है।

परिवार के अंदर सियासी फूट

भगवंत मान के परिवार से जुड़े व्यक्ति का भाजपा में जाना न सिर्फ परिवार के अंदर फूट दिखाता है बल्कि AAP की पंजाब इकाई में बढ़ती बेचैनी को भी उजागर करता है।

‘आप’ को निशाना बनाते हुए ज्ञान सिंह मान ने यह भी कहा कि सत्ता मिलने के बाद पार्टी अपनी जड़ों से दूर हो गई है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की जनता को जो सपने दिखाए गए थे, वे पूरे नहीं हो रहे। बल्कि उलटे पंजाब की हालत बिगड़ती जा रही है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब में किसान आंदोलन, बेरोजगारी और बढ़ते कर्ज जैसे मुद्दे गरमा रहे हैं। भाजपा की तरफ से इसे AAP की नाकामी के रूप में पेश किया जा रहा है।

‘आप’ के चिंता का विषय

यह घटनाक्रम AAP के लिए चिंता का विषय बन गया है। पार्टी पहले ही कुछ नेताओं के असंतोष और बागी तेवर देख रही थी। अब परिवार के अंदर से ही इतना बड़ा विद्रोह सामने आने से ‘आप’ की पकड़ कमजोर पड़ती दिख रही है।

इस घटनाक्रम से पंजाब की राजनीति में नए समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। BJP इस मौके का फायदा उठाकर ग्रामीण और जाट बेल्ट में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रही है। वहीं AAP अपनी छवि बचाने और कार्यकर्ताओं को संभालने में जुट गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *