अयोध्या में रामलला के दर्शन के बाद रेसलर विनेश फोगाट बोली- गोंडा प्रतियोगिता से मानसिक तनाव, कोई विकल्प नहीं

अयोध्या में रामलला के दर्शन के बाद रेसलर विनेश फोगाट बोली- गोंडा प्रतियोगिता से मानसिक तनाव, कोई विकल्प नहीं

Wrestler Dinesh Phogat reached Ayodhya, Will participate in the competition organized in Gonda: अयोध्या पहुंची पहलवान विनेश फोगाट ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि वह उन्हीं के कॉलेज में आयोजित प्रतियोगिता में खेलने के लिए आई हैं जिनके साथ उनकी लड़ाई है। जिससे उन्हें बड़ा मानसिक दबाव है, लेकिन उनके पास कोई दूसरा रास्ता भी नहीं है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को हिम्मत रखनी चाहिए कि वे किसी भी स्थिति का सामना कर सकें। इसके पहले पहलवान दिनेश फौगाट ने रामलला के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि रामलाल उनकी भी इच्छा पूरी करेंगे। प्रभु राम का आशीर्वाद लेकर प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए जा रहे हैं। इसके पहले विनेश फोगाट ने गोंडा में होने वाली प्रतियोगिता का विरोध किया था। नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता बृजभूषण शरण सिंह के नंदिनी नगर में स्थित कॉलेज में आयोजित की जा रही है।

खेलने पर अभी भी सस्पेंस

उत्तर प्रदेश के अयोध्या पहुंची पहलवान विनेश फोगाट ने कहा कि कल से रेसलिंग प्रतियोगिता शुरू हो रही है, जिसमें शामिल होने के लिए वह आई हैं। आज उन्होंने भगवान राम के दर्शन किए हैं, उन्होंने आशीर्वाद लिया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह मौके पर पहुंचने के बाद ही कहा जा सकता है कि खेला जाएगा कि नहीं खेला जाएगा। हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश और ट्रेनिंग कर रहे हैं। परमात्मा की धरती पर आए हैं, सबकी इच्छाएं पूरी होती हैं, उनकी भी इच्छा पूरी होगी और देश के लिए मेडल जीतूंगी।

बृजभूषण के खिलाफ उन्होंने लड़ाई लड़ी है

एक सवाल के जवाब में विनेश फोगाट ने कहा कि उनके पास जवाब देने का टाइम है और जवाब दिया जाएगा। एक सवाल के जवाब में दिनेश फौगाट ने कहा कि बृजभूषण के खिलाफ उन्होंने लड़ाई लड़ी है। उन्हीं के कॉलेज में यह प्रतियोगिता हो रही है। यह हमारे लिए बहुत ही मुश्किल है कि ऐसी जगह पर कंपटीशन हो रहा है जिससे मेरे ऊपर बड़ा मानसिक दबाव है।

प्रतियोगिता में शामिल होना उनकी मजबूरी

विनेश फोगाट ने कहा कि प्रतियोगिता में शामिल होना उनकी मजबूरी है। हमारे पास कोई ऑप्शन नहीं है। जहां भी प्रतियोगिता होगी, खिलाड़ी को वहां जाकर खेलना पड़ेगा। यह सरकार और सिस्टम को देखना चाहिए कि लड़कियों के साथ अत्याचार हो रहा है। यह लड़ाई सभी खिलाड़ियों के लिए है। मैं केवल अपने लिए नहीं लड़ रही हूं। खिलाड़ी हिम्मत ना हारे। मैं हर स्थिति में लड़ने को तैयार हूं। हमने बचपन से सीखा है कि जो मेहनत करता है उसका फल परमात्मा देता है।

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