नूंह में 9 करोड़ का ट्रांजिट फ्लैट बना खंडहर:सरकारी लापरवाही से अधूरा, चौखट-जंगले हुए चोरी; एसडीओ बोले-दोबारा टेंडर जारी होगा

नूंह में 9 करोड़ का ट्रांजिट फ्लैट बना खंडहर:सरकारी लापरवाही से अधूरा, चौखट-जंगले हुए चोरी; एसडीओ बोले-दोबारा टेंडर जारी होगा

नूंह जिले में लगभग 9 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा ट्रांजिट फ्लैट अधूरा पड़ा है। लघु सचिवालय स्थित ऑफिसर आवासीय कॉलोनी में यह इमारत अब जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है।निर्माण एजेंसी काम अधूरा छोड़कर चली गई है। भवन से चौखट, जंगले, खिड़कियां और अन्य कीमती लोहे का सामान चोरी हो गया है। करोड़ों की सरकारी संपत्ति की चोरी के बावजूद विभाग ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है और न ही कोई चौकीदार नियुक्त किया गया है। इस परियोजना में शुरुआत से ही अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि बिना ठोस योजना, पर्याप्त बजट और उचित निगरानी के यह करोड़ों रुपए का प्रोजेक्ट शुरू कर दिया गया था। बजट कम पड़ा, एजेंसी काम अधूरा छोड़कर चली गई पीडब्ल्यूडी के एसडीओ तपेश कुमार ने निर्माण कार्य के दौरान कई दिक्कतों ओर चोरी की बात स्वीकार की। उनके अनुसार, यह हॉस्टल पहले पुरानी तहसील की जगह पर बनाया जाना था, जिसके लिए लगभग 9 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत हुआ था। निर्माण कार्य गौरिका कंस्ट्रक्शन एजेंसी को सौंपा गया था। बाद में उस स्थान पर संग्रहालय बनाने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद परियोजना को लघु सचिवालय परिसर के पास स्थानांतरित कर दिया गया। हालांकि, पुराना अनुमानित बजट ही लागू रहा, जिससे बजट कम पड़ गया और एजेंसी काम अधूरा छोड़कर चली गई। दोबारा टेंडर जारी किया जाएगा- एसडीओ एसडीओ ने यह भी बताया कि भवन से चौखट, जंगले और अन्य सामान चोरी हुआ है। उन्होंने कहा कि अब नया अनुमानित बजट बनाकर भेजा गया है और जल्द ही दोबारा टेंडर जारी किया जाएगा। इस पूरे मामले में करोड़ों रुपए के नुकसान और सरकारी संपत्ति की चोरी के लिए जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *