भिवाड़ी. रेवाड़ी पलवल हाईवे स्थित समतल चौक भी आवागमन के लिए सुविधाजनक बनाया जा रहा है। भिवाड़ी मोड के साथ समतल चौक की दशा सुधारने से शहर के दो चौराहे खूबसूरत के साथ आवागमन के लिए बेहतर हो जाएंगे। चौक के सुधारीकरण के लिए दो बार 50.60 लाख रुपए का टेंडर लगा लेकिल किसी निर्माण एजेंसी ने भाग नहीं लिया। बीडा ने तीसरी बार टेंडर निकाला, जिसके बाद कार्यादेश जारी हुआ है और अब निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। दस जून तक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा, ट्रैफिक 30 जून तक खुलेगा, इस अवधि में सीसी की तराई होगी। फिलहाल एक तरफ 70 मीटर लंबाई में सीसी रोड का काम हो गया है, अब रोड की चौड़ाई छह लेन हो जाएगी, दूसरी तरफ एक जून से काम शुरू हो जाएगा। अभी एक तरफ से ही यातायात निकल रहा है। डेढ़ मीटर बॉक्स की क्रॉसिंग जल निकासी के लिए दी गई है, पहले दो फीट के पाइप थे, जिसकी वजह से पाइप जाम हो जाते थे और चौराहे पर जलभराव की समस्या रहती थी।
चौक पर पुलिया में अभी तक वाहन फंस जाते थे। उक्त स्थान पर ब्लॉक डालकर नालियों के पानी सडक़ के आरपार निकासी की उचित व्यवस्था की जा रही है। हल्के और भारी वाहन यहां आसानी से निकल सकें, पुलिया अब सडक़ की नीचे दब गई है और पूरी सीसी सडक़ ही करीब आधा फीट ऊंचाई में निर्मित की जा रही है। नई सडक़ बनने के बाद वाहन आसानी से आवागमन कर सकेंगे। चौराहे पर भीड़ अधिक रहती है और भारी वाहन भी गुजरते हैं, जिसकी वजह से सडक़ का चौड़ीकरण भी किया गया है। वाहन यहां से आसानी से गुजरने के साथ ही राहगीर और स्थानीय व्यापारियों को राहत मिलेगी।
शहर का मुख्य चौराहा
समतल चौक उद्योग नगरी के मुख्य चौराहों में से एक है। चौराहे पर ही भिवाड़ी और नंगलिया गांव बसते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में मजदूर कॉलोनियां है। चौराहे के एक तरफ जिला अस्पताल, सेंट्रल मार्केट, सदर बाजार सहित मुख्य बाजार है। यहीं से उद्योग क्षेत्र को जोडऩे वाली मुख्य सडक़ है। इस तरह उक्त चौराहा शहर की धुरी की तरह काम करता है। लंबे समय से उपेक्षा का शिकार बना हुआ था। इसके साथ ही यहां से रेवाड़ी पलवल हाईवे और उद्योग क्षेत्र में आने वाले भारी वाहन गुजरते हैं।
यह रही उपेक्षा
चौराहे पर हमेशा जलभराव की समस्या रहती थी। पुलिया के नीचे नालियों के पानी निकासी के लिए पाइप डाले गए थे लेकिन उनके चौक हो जाने से पानी सडक़ पर भरता है। पुलिया की रपट तकनीकि रूप से खराब थी। इस पर बड़े वाहन अक्सर फंस जाते थे। छोटे वाहन भी धीमी गति से निकलते थे, जिससे वाहनों को रेंगना पड़ता था। राहगीर और दोपहिया वाहन चालकों निकलना भी यहां मुश्किल होता है। यहां बड़ी संख्या में शहरवासी खरीदारी के लिए आते हैं लेकिन उन्हें गंदगी और जलभराव की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है। व्यापारियों का भी रोजगार प्रभावित होता है। लंबे समय से यहां पर यह समस्या बनी हुई थी।
अभी तक घूमकर निकलने को मजबूर
कई बार यहां नियमित रूप से जाम की समस्या रहती है। जिसकी वजह से स्थानीय जन घूमकर अन्य मार्ग से निकलते हैं। फूलबाग से बायपास जाना हो या वापस लौटना हो, एनएच की जगह गौरवपथ से गुजरते हैं, जिससे कि यहां के जाम से बचा जा सके।


