मुजफ्फरपुर के औराई थाना क्षेत्र के सुंदरखौली गांव के रहने वाले प्रियांशु कुमार उर्फ गोलू (28) की मौत के मामले में बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने एसएसपी को नोटिस जारी किया है। आयोग ने सुनवाई के बाद मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश मिश्रा से आठ सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 4 फरवरी 2027 को होगी। गोलू की मौत 7 अगस्त 2026 की रात संदिग्ध परिस्थिति में हुई थी। इस संबंध में औराई थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मृतक के पिता विपिन कुमार ठाकुर ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। उन्होंने मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा के माध्यम से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों ने पुलिस पर साक्ष्य नष्ट करने का लगाया आरोप परिजनों का आरोप है कि गोलू की हत्या साजिश के तहत की गई, लेकिन पुलिस ने शुरू से ही जांच में लापरवाही बरती। उनका दावा है कि मामले के अहम साक्ष्यों को जानबूझकर नष्ट किया गया और घटना को हादसा साबित करने की कोशिश की गई। परिजनों ने पुलिस की अब तक की जांच और कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। इसी को लेकर उन्होंने आयोग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और वास्तविकता सामने लाने की मांग की थी। आयोग में अगली सुनवाई 4 फरवरी को मृतक के पिता की शिकायत पर बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने सुनवाई करते हुए एसएसपी को नोटिस जारी कर आठ सप्ताह में जवाब मांगा है। मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा ने आयोग के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि आयोग के हस्तक्षेप से मामले में पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ेगा और घटना की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। तीन महीने पहले गोलू मौत मामले में क्या हुआ था? तीन महीने पहले औराई थाना क्षेत्र के सुंदरखौली गांव के पास बागमती नदी के उत्तरी बांध पर एक एक्सयूवी कार करीब 20 फीट नीचे पलट गई थी। हादसे में कार चला रहे युवक की मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई थी। उनका कहना था कि प्रथम दृष्टया मामला सड़क दुर्घटना जैसा नहीं लग रहा है। मृतक की पहचान सुंदरखौली गांव निवासी बिपिन ठाकुर के 28 वर्षीय पुत्र प्रियांशु उर्फ गोलू के रूप में हुई थी। परिजनों के अनुसार, 7 अगस्त शुक्रवार देर रात प्रियांशु तीन अन्य युवकों के साथ एक्सयूवी कार से लौट रहा था। इसी दौरान बागमती नदी के उत्तरी बांध के किनारे कार अनियंत्रित होकर करीब 20 फीट नीचे पलट गई। सीएचसी पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया हादसे के बाद कार में सवार अन्य युवकों ने स्थानीय लोगों की मदद से प्रियांशु को देर रात करीब 12:30 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, औराई पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों को घटना की जानकारी दी गई और शव को गांव लाया गया। थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और घटना के समय साथ रहे तीनों युवकों से पूछताछ के बाद ही प्रियांशु की मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा। मुजफ्फरपुर के औराई थाना क्षेत्र के सुंदरखौली गांव के रहने वाले प्रियांशु कुमार उर्फ गोलू (28) की मौत के मामले में बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने एसएसपी को नोटिस जारी किया है। आयोग ने सुनवाई के बाद मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश मिश्रा से आठ सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 4 फरवरी 2027 को होगी। गोलू की मौत 7 अगस्त 2026 की रात संदिग्ध परिस्थिति में हुई थी। इस संबंध में औराई थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मृतक के पिता विपिन कुमार ठाकुर ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। उन्होंने मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा के माध्यम से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। परिजनों ने पुलिस पर साक्ष्य नष्ट करने का लगाया आरोप परिजनों का आरोप है कि गोलू की हत्या साजिश के तहत की गई, लेकिन पुलिस ने शुरू से ही जांच में लापरवाही बरती। उनका दावा है कि मामले के अहम साक्ष्यों को जानबूझकर नष्ट किया गया और घटना को हादसा साबित करने की कोशिश की गई। परिजनों ने पुलिस की अब तक की जांच और कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। इसी को लेकर उन्होंने आयोग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और वास्तविकता सामने लाने की मांग की थी। आयोग में अगली सुनवाई 4 फरवरी को मृतक के पिता की शिकायत पर बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने सुनवाई करते हुए एसएसपी को नोटिस जारी कर आठ सप्ताह में जवाब मांगा है। मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा ने आयोग के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि आयोग के हस्तक्षेप से मामले में पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ेगा और घटना की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। तीन महीने पहले गोलू मौत मामले में क्या हुआ था? तीन महीने पहले औराई थाना क्षेत्र के सुंदरखौली गांव के पास बागमती नदी के उत्तरी बांध पर एक एक्सयूवी कार करीब 20 फीट नीचे पलट गई थी। हादसे में कार चला रहे युवक की मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई थी। उनका कहना था कि प्रथम दृष्टया मामला सड़क दुर्घटना जैसा नहीं लग रहा है। मृतक की पहचान सुंदरखौली गांव निवासी बिपिन ठाकुर के 28 वर्षीय पुत्र प्रियांशु उर्फ गोलू के रूप में हुई थी। परिजनों के अनुसार, 7 अगस्त शुक्रवार देर रात प्रियांशु तीन अन्य युवकों के साथ एक्सयूवी कार से लौट रहा था। इसी दौरान बागमती नदी के उत्तरी बांध के किनारे कार अनियंत्रित होकर करीब 20 फीट नीचे पलट गई। सीएचसी पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया हादसे के बाद कार में सवार अन्य युवकों ने स्थानीय लोगों की मदद से प्रियांशु को देर रात करीब 12:30 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, औराई पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों को घटना की जानकारी दी गई और शव को गांव लाया गया। थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और घटना के समय साथ रहे तीनों युवकों से पूछताछ के बाद ही प्रियांशु की मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।

