अररिया में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) की गरीब चौपाल यात्रा के तहत शनिवार को अररिया शहर के नेताजी सुभाष स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन शामिल हुए। उन्होंने कहा कि गरीब चौपाल का उद्देश्य आम लोगों की समस्याएं और जरूरतें सुनकर सरकार और प्रशासन के समन्वय से उनका समाधान कराना है। गरीबों को समस्याओं के लिए पटना के चक्कर नहीं लगाने पड़ें डॉ. संतोष सुमन ने कहा कि सीमांचल और सुदूर ग्रामीण इलाकों के गरीब लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए पटना या जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। इससे उनका किराया खर्च होता है और दिहाड़ी भी छूट जाती है। कई बार उन्हें भूखे-प्यासे परेशान होना पड़ता है। इसी को देखते हुए पार्टी ने गांव-गांव में गरीब चौपाल लगाने का निर्णय लिया है, ताकि नेता और कार्यकर्ता खुद लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन सकें। चौपाल में मिले आवेदनों को जिला प्रशासन के पास भेजा जाएगा मंत्री ने कार्यक्रम में लोगों से भूमि विवाद समेत स्थानीय समस्याओं से जुड़े आवेदन लिए। उन्होंने कहा कि आवेदनों की जांच (स्क्रूटनी) के बाद संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को भेजा जाता है। उनके अनुसार, पहले चरण में ही 30 से 40 प्रतिशत मामलों का समाधान हो जाता है। यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है, ताकि कोई गरीब खुद को उपेक्षित महसूस न करे। गरीबों के जीवन में बदलाव से होना चाहिए उन्होंने कहा कि सरकार के काम का आकलन गरीबों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं, दलितों, महादलितों, पिछड़ों और वंचित वर्ग के लोगों के जीवन में आए बदलाव से होना चाहिए। समस्याओं का समाधान केवल घोषणाओं से नहीं होगा। इसके लिए जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही, प्रशासन की संवेदनशीलता और लगातार निगरानी जरूरी है। उन्होंने गरीबों से एकजुट होकर संघर्ष करने और पार्टी को मजबूत बनाने की अपील की। आरक्षण के भीतर आरक्षण पर विचार जरूरी चौपाल के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. सुमन ने आरक्षण के वर्गीकरण (सब-कैटेगराइजेशन) का समर्थन करते हुए कहा कि आजादी के दशकों बाद भी दलित, महादलित और वंचित तबके का बड़ा हिस्सा विकास की मुख्यधारा से दूर है। जो वर्ग आज भी सबसे निचले पायदान पर है, उसे आगे लाने के लिए आरक्षण के भीतर आरक्षण या विशेष प्रावधानों पर विचार करना जरूरी है। तीन-चार वर्षों में बिहार में उद्योगों का जाल बिछने का दावा सीमांचल से पलायन के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार रोजगार सृजन के लिए प्रतिबद्ध है। उद्योग विभाग के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं। उन्होंने गया इंडस्ट्रियल हब का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार की संभावनाएं बन रही हैं। राज्य में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, कॉरिडोर और एयरपोर्ट जैसे बुनियादी ढांचे तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अगले तीन से चार वर्षों में बिहार में उद्योगों का विस्तार होगा और युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। प्रदेश अध्यक्ष और विधायकों ने भी रखे विचार कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के जिलाध्यक्ष किरण कुमार भारती ने की, जबकि राजेन्द्र ऋषिदेव और गौरव कुमार ने संयुक्त रूप से मंच संचालन किया। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, विधायक रोहित कुमार, प्रदेश सचिव अनिल यादव और भरत ऋषिदेव समेत कई नेताओं ने कार्यक्रम को संबोधित किया। इसमें महादलित समाज के लोगों के साथ पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। अररिया में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेकुलर) की गरीब चौपाल यात्रा के तहत शनिवार को अररिया शहर के नेताजी सुभाष स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन शामिल हुए। उन्होंने कहा कि गरीब चौपाल का उद्देश्य आम लोगों की समस्याएं और जरूरतें सुनकर सरकार और प्रशासन के समन्वय से उनका समाधान कराना है। गरीबों को समस्याओं के लिए पटना के चक्कर नहीं लगाने पड़ें डॉ. संतोष सुमन ने कहा कि सीमांचल और सुदूर ग्रामीण इलाकों के गरीब लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए पटना या जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। इससे उनका किराया खर्च होता है और दिहाड़ी भी छूट जाती है। कई बार उन्हें भूखे-प्यासे परेशान होना पड़ता है। इसी को देखते हुए पार्टी ने गांव-गांव में गरीब चौपाल लगाने का निर्णय लिया है, ताकि नेता और कार्यकर्ता खुद लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन सकें। चौपाल में मिले आवेदनों को जिला प्रशासन के पास भेजा जाएगा मंत्री ने कार्यक्रम में लोगों से भूमि विवाद समेत स्थानीय समस्याओं से जुड़े आवेदन लिए। उन्होंने कहा कि आवेदनों की जांच (स्क्रूटनी) के बाद संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को भेजा जाता है। उनके अनुसार, पहले चरण में ही 30 से 40 प्रतिशत मामलों का समाधान हो जाता है। यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है, ताकि कोई गरीब खुद को उपेक्षित महसूस न करे। गरीबों के जीवन में बदलाव से होना चाहिए उन्होंने कहा कि सरकार के काम का आकलन गरीबों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं, दलितों, महादलितों, पिछड़ों और वंचित वर्ग के लोगों के जीवन में आए बदलाव से होना चाहिए। समस्याओं का समाधान केवल घोषणाओं से नहीं होगा। इसके लिए जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही, प्रशासन की संवेदनशीलता और लगातार निगरानी जरूरी है। उन्होंने गरीबों से एकजुट होकर संघर्ष करने और पार्टी को मजबूत बनाने की अपील की। आरक्षण के भीतर आरक्षण पर विचार जरूरी चौपाल के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. सुमन ने आरक्षण के वर्गीकरण (सब-कैटेगराइजेशन) का समर्थन करते हुए कहा कि आजादी के दशकों बाद भी दलित, महादलित और वंचित तबके का बड़ा हिस्सा विकास की मुख्यधारा से दूर है। जो वर्ग आज भी सबसे निचले पायदान पर है, उसे आगे लाने के लिए आरक्षण के भीतर आरक्षण या विशेष प्रावधानों पर विचार करना जरूरी है। तीन-चार वर्षों में बिहार में उद्योगों का जाल बिछने का दावा सीमांचल से पलायन के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार रोजगार सृजन के लिए प्रतिबद्ध है। उद्योग विभाग के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं। उन्होंने गया इंडस्ट्रियल हब का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार की संभावनाएं बन रही हैं। राज्य में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, कॉरिडोर और एयरपोर्ट जैसे बुनियादी ढांचे तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अगले तीन से चार वर्षों में बिहार में उद्योगों का विस्तार होगा और युवाओं को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। प्रदेश अध्यक्ष और विधायकों ने भी रखे विचार कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के जिलाध्यक्ष किरण कुमार भारती ने की, जबकि राजेन्द्र ऋषिदेव और गौरव कुमार ने संयुक्त रूप से मंच संचालन किया। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, विधायक रोहित कुमार, प्रदेश सचिव अनिल यादव और भरत ऋषिदेव समेत कई नेताओं ने कार्यक्रम को संबोधित किया। इसमें महादलित समाज के लोगों के साथ पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

