अलवर में शनिवार सुबह से घने बादल छाए हुए हैं। हल्की ठंडी हवाएं चलने से मौसम सुहावना बना हुआ है और गर्मी से लोगों को राहत मिली है। पिछले तीन दिनों की तुलना में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। शहर और जिले के कई हिस्सों में बुधवार शाम से बारिश का दौर जारी है। बुधवार शाम और गुरुवार को कुछ घंटे अच्छी बारिश हुई, जबकि शुक्रवार को सुबह से शाम तक रिमझिम बारिश होती रही। इसके बावजूद जिले के 9 प्रमुख बांधों में से 5 अभी भी पूरी तरह खाली हैं, जिनमें पानी की आवक नहीं हुई है। 9 बांधों में 20.84% पानी, सिलीसेढ़ सबसे आगे जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले के 9 प्रमुख बांधों की कुल जलभराव क्षमता 103.897 एमसीएम है। इनमें फिलहाल 21.655 एमसीएम पानी है, जो कुल क्षमता का 20.84 प्रतिशत है। इनमें सिलीसेढ़ बांध सबसे ज्यादा भरा हुआ है। सिलीसेढ़ की कुल क्षमता 13.929 एमसीएम है और इसमें 11.200 एमसीएम यानी 80.41 प्रतिशत पानी पहुंच चुका है। मानसरोवर बांध में 5.570 एमसीएम यानी 57.87 प्रतिशत पानी है। जयसागर में 0.445 एमसीएम यानी 4.12 प्रतिशत पानी है। वहीं जैसमंद, रामपुर, देवती, सिलीबेरी और धामरेढ़ बांध में अभी पानी की मात्रा शून्य दर्ज की गई है। पिछले साल इसी समय इन बांधों में कुल 25.70 एमसीएम पानी था, जबकि इस बार 21.655 एमसीएम पानी है। 13 अगस्त तक बारिश और आंधी का अनुमान मौसम विभाग के 8 अगस्त के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार अलवर में अगले कई दिनों तक बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है। शनिवार को आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने का अनुमान है। 9 से 13 अगस्त तक रोजाना गरज-चमक के साथ बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। इन दिनों बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। पूर्वानुमान के अनुसार 8 अगस्त को न्यूनतम तापमान 23 और अधिकतम 30 डिग्री, 9 से 11 अगस्त तक न्यूनतम 23 और अधिकतम 28 डिग्री तथा 12 और 13 अगस्त को न्यूनतम 24 और अधिकतम 29 डिग्री रह सकता है। लगातार बारिश और आगामी दिनों में बारिश के पूर्वानुमान के बीच अब लोगों की नजरें जिले के खाली पड़े बांधों पर हैं कि आसपास के पहाड़ी और जलग्रहण क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने पर इनमें पानी की आवक कब शुरू होती है।


