सुरक्षित बचपन अभियान के प्रथम चरण का समापन समारोह आदर्श मध्य विद्यालय में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा ने की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र देश के भविष्य हैं और उनके बचपन को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार, कोर्ट संवेदनशील उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार और न्यायालय संवेदनशीलता के साथ काम कर रहे हैं। बच्चों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि उनके साथ किसी प्रकार का लैंगिक अपराध या असुरक्षित स्पर्श जैसी घटना होती है तो वे चुप न रहें, बल्कि उसका विरोध करें और इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से करें। प्रधान जिला जज बोले- बच्चों का सुरक्षित रहना समाज के लिए जरूरी प्रधान जिला जज ने कहा कि बच्चों का सुरक्षित रहना केवल परिवार या विद्यालय ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को किसी भी प्रकार के शोषण के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 और निःशुल्क विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की ओर से आयोजित क्विज एवं चित्रांकन प्रतियोगिता में सफल विद्यार्थियों को प्रधान जिला जज ने मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों में अंकिता, रितु, श्याम, मिन्नत, सुधांशु, साबरीन, दुर्गा, सोनाक्षी, संजना और नव्या सहित अन्य बच्चे शामिल थे। समारोह में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी, न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंद सौरव, जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर, विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद साजिद हसन, पूर्व प्रधानाध्यापक रामबुझावन रमाकर यादव सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। सुरक्षित बचपन अभियान के प्रथम चरण का समापन समारोह आदर्श मध्य विद्यालय में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा ने की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र देश के भविष्य हैं और उनके बचपन को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार, कोर्ट संवेदनशील उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार और न्यायालय संवेदनशीलता के साथ काम कर रहे हैं। बच्चों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि उनके साथ किसी प्रकार का लैंगिक अपराध या असुरक्षित स्पर्श जैसी घटना होती है तो वे चुप न रहें, बल्कि उसका विरोध करें और इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से करें। प्रधान जिला जज बोले- बच्चों का सुरक्षित रहना समाज के लिए जरूरी प्रधान जिला जज ने कहा कि बच्चों का सुरक्षित रहना केवल परिवार या विद्यालय ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को किसी भी प्रकार के शोषण के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 और निःशुल्क विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी दी। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की ओर से आयोजित क्विज एवं चित्रांकन प्रतियोगिता में सफल विद्यार्थियों को प्रधान जिला जज ने मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों में अंकिता, रितु, श्याम, मिन्नत, सुधांशु, साबरीन, दुर्गा, सोनाक्षी, संजना और नव्या सहित अन्य बच्चे शामिल थे। समारोह में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी, न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंद सौरव, जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर, विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद साजिद हसन, पूर्व प्रधानाध्यापक रामबुझावन रमाकर यादव सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

