विधान परिषद चुनाव के नतीजे आने के बाद बड़ा उलटफेर हुआ है। तिरहुत स्नातक से दो बार निर्दलीय चुनाव जीतने वाले बंशीधर ब्रजवासी और सारण शिक्षक से निर्दलयी चुनाव जीतने वाले राहुल राज ने शनिवार को बीजेपी की सदस्यता ले ली। उन्होंने बिहार बीजेपी के प्रदेश प्रभारी की मौजूदगी में सदस्यता ग्राहण की है। चुनाव जीतने के बाद ही उन्होंने इस बात के संकेत दे दिए थे। दोनों नेता जिस सीट से जीते हैं, वहां NDA की तरफ से JDU के कैंडिडेट चुनाव लड़ रहे थे। राहुल राज ने JDU के आनंद पुष्कर को चुनाव हराया है तो बंशीधर ब्रजवासी ने अभिषेक झा को हराया है। इनकी जॉइनिंग के बाद अब 8 सीटों में 4 सीटें बीजेपी के हिस्से हो गई है। वहीं JDU मात्र एक सीट पर सिमट गई है। शिक्षक आंदोलन से मिली बंशीधर की पहचान बंशीधर ब्रजवासी ने शिक्षकों की मांगों को लेकर कई आंदोलनों में भूमिका निभाई। वे परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष बने। नियोजित शिक्षकों को समान काम के बदले समान वेतन और राज्यकर्मी का दर्जा दिलाने जैसी मांगों को लेकर उन्होंने आवाज उठाई। शिक्षकों के बीच सक्रियता के कारण उनकी पहचान बिहार के शिक्षक संगठनों में मजबूत हुई। धीरे-धीरे वे शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर मुखर नेता के रूप में सामने आए। निर्दलीय लड़कर जेडीयू उम्मीदवार को हराया तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में बंशीधर ब्रजवासी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे। उन्होंने जेडीयू के अभिषेक झा को हराकर जीत दर्ज की। इस परिणाम ने चुनाव में उनकी व्यक्तिगत पकड़ और शिक्षक वर्ग के बीच उनकी पहचान को चर्चा में ला दिया। अब भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका और पार्टी में जिम्मेदारी को लेकर नजरें रहेंगी। विधान परिषद चुनाव के नतीजे आने के बाद बड़ा उलटफेर हुआ है। तिरहुत स्नातक से दो बार निर्दलीय चुनाव जीतने वाले बंशीधर ब्रजवासी और सारण शिक्षक से निर्दलयी चुनाव जीतने वाले राहुल राज ने शनिवार को बीजेपी की सदस्यता ले ली। उन्होंने बिहार बीजेपी के प्रदेश प्रभारी की मौजूदगी में सदस्यता ग्राहण की है। चुनाव जीतने के बाद ही उन्होंने इस बात के संकेत दे दिए थे। दोनों नेता जिस सीट से जीते हैं, वहां NDA की तरफ से JDU के कैंडिडेट चुनाव लड़ रहे थे। राहुल राज ने JDU के आनंद पुष्कर को चुनाव हराया है तो बंशीधर ब्रजवासी ने अभिषेक झा को हराया है। इनकी जॉइनिंग के बाद अब 8 सीटों में 4 सीटें बीजेपी के हिस्से हो गई है। वहीं JDU मात्र एक सीट पर सिमट गई है। शिक्षक आंदोलन से मिली बंशीधर की पहचान बंशीधर ब्रजवासी ने शिक्षकों की मांगों को लेकर कई आंदोलनों में भूमिका निभाई। वे परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ, बिहार के प्रदेश अध्यक्ष बने। नियोजित शिक्षकों को समान काम के बदले समान वेतन और राज्यकर्मी का दर्जा दिलाने जैसी मांगों को लेकर उन्होंने आवाज उठाई। शिक्षकों के बीच सक्रियता के कारण उनकी पहचान बिहार के शिक्षक संगठनों में मजबूत हुई। धीरे-धीरे वे शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर मुखर नेता के रूप में सामने आए। निर्दलीय लड़कर जेडीयू उम्मीदवार को हराया तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में बंशीधर ब्रजवासी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे। उन्होंने जेडीयू के अभिषेक झा को हराकर जीत दर्ज की। इस परिणाम ने चुनाव में उनकी व्यक्तिगत पकड़ और शिक्षक वर्ग के बीच उनकी पहचान को चर्चा में ला दिया। अब भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका और पार्टी में जिम्मेदारी को लेकर नजरें रहेंगी।

