जयपुर: राजधानी के सबसे व्यस्त और सुरक्षित माने जाने वाले कलेक्ट्रेट परिसर से एक युवक के अपहरण और लूटपाट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वारदात उस समय हुई जब पीड़ित अपने रिश्तेदार की जमानत कराने कोर्ट पहुंचा था।
बता दें कि बनीपार्क थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रविवार देर रात मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित महेंद्र सैनी (25), निवासी जयसिंहपुरा खोर ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वह 26 अप्रैल को कलेक्ट्रेट परिसर में अपने एक रिश्तेदार की जमानत संबंधी कागजी कार्रवाई के लिए आया था। शाम करीब 5:30 बजे जब वह पानी पीने के लिए नीचे उतरा, तभी घात लगाकर बैठे दूसरे पक्ष के तरुण शर्मा, दिशा और उनके अन्य साथियों ने उसे घेर लिया।
आरोप है कि हमलावरों ने महेंद्र को जबरन दबोच लिया और हथियारों के दम पर उसका अपहरण कर गाड़ी में डाल दिया। बदमाश उसे किसी अज्ञात स्थान पर ले गए, जहां उसके साथ जमकर मारपीट की गई।
लूटपाट और जान से मारने की धमकी
महेंद्र के अनुसार, अपहरणकर्ताओं ने न केवल उसे शारीरिक यातनाएं दीं, बल्कि उसके गले से सोने की चेन और जेब में रखे 50 हजार रुपए भी लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और देर शाम जयसिंहपुरा खोर थाने के पास सड़क किनारे फेंक कर फरार हो गए। घायल अवस्था में पीड़ित ने परिजनों को सूचित किया और पुलिस की शरण ली।
विवाद की जड़: पार्किंग की रंजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी वारदात के पीछे गाड़ी पार्किंग को लेकर पुराना विवाद था। महेंद्र के रिश्तेदार ने कुछ समय पहले आरोपियों के घर के बाहर अपनी गाड़ी पार्क कर दी थी।
इस बात को लेकर दोनों पक्षों में तीखी बहस और मारपीट हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने शांति भंग की धारा में महेंद्र के रिश्तेदार को गिरफ्तार किया था। जब महेंद्र उसी मामले की जमानत कराने कलेक्ट्रेट पहुंचा, तो दूसरे पक्ष ने रंजिश के चलते उसे निशाना बनाया।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़ित की शिकायत पर अपहरण, लूट और मारपीट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। कलेक्ट्रेट परिसर और संभावित रास्तों के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
इस घटना ने कलेक्ट्रेट जैसे सार्वजनिक और संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। वकीलों और आमजन में इस वारदात को लेकर भारी आक्रोश है, क्योंकि शाम के वक्त जब परिसर में भारी भीड़ होती है, तब बदमाशों ने इतनी बड़ी वारदात को बेखौफ अंजाम दे दिया।


