गयाजी के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर परिसर में श्री श्री 1008 लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुंबई की सिंगर रीनी चंद्रा ने अपनी प्रस्तुति दी। जागरण का शुभारंभ जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के बाद भक्ति संगीत का कार्यक्रम शुरू हुआ। सिंगर रीनी चंद्रा ने अपने लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति दी। उन्होंने ‘घर में पधारो गजानंद’ और ‘राम जी आए हैं’ जैसे भजन गाए। उनकी प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। कई लोग भक्ति में लीन दिखाई दिए। दूर-दूर से पहुंचे थे श्रद्धालु जागरण कार्यक्रम शाम सोमवार रात 7 बजे शुरू हुआ, जो सुबह 4 बजे तक चला। मंदिर परिसर में पूरी रात भक्तिमय माहौल बना रहा। इस कार्यक्रम में दूर-दूर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। मौके पर मेयर गणेश पासवान, पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव और विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शंभूलाल विट्ठल भी मौजूद थे। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि महायज्ञ का उद्देश्य समाज में धार्मिक जागरूकता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करना था। ऐसे आयोजन लोगों में आस्था और एकता की भावना को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्थानीय प्रशासन और समिति के सदस्यों का सहयोग रहा। सुरक्षा और व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। गयाजी के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर परिसर में श्री श्री 1008 लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुंबई की सिंगर रीनी चंद्रा ने अपनी प्रस्तुति दी। जागरण का शुभारंभ जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के बाद भक्ति संगीत का कार्यक्रम शुरू हुआ। सिंगर रीनी चंद्रा ने अपने लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुति दी। उन्होंने ‘घर में पधारो गजानंद’ और ‘राम जी आए हैं’ जैसे भजन गाए। उनकी प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। कई लोग भक्ति में लीन दिखाई दिए। दूर-दूर से पहुंचे थे श्रद्धालु जागरण कार्यक्रम शाम सोमवार रात 7 बजे शुरू हुआ, जो सुबह 4 बजे तक चला। मंदिर परिसर में पूरी रात भक्तिमय माहौल बना रहा। इस कार्यक्रम में दूर-दूर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। मौके पर मेयर गणेश पासवान, पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव और विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शंभूलाल विट्ठल भी मौजूद थे। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि महायज्ञ का उद्देश्य समाज में धार्मिक जागरूकता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार करना था। ऐसे आयोजन लोगों में आस्था और एकता की भावना को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्थानीय प्रशासन और समिति के सदस्यों का सहयोग रहा। सुरक्षा और व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।


