मानसिक रोग विभाग की नई बिल्डिंग का काम अधूरा:हैंडओवर करने की डेडलाइन खत्म, फर्नीचर-एसी के लिए 3 करोड़ और मांगे गए

मानसिक रोग विभाग की नई बिल्डिंग का काम अधूरा:हैंडओवर करने की डेडलाइन खत्म, फर्नीचर-एसी के लिए 3 करोड़ और मांगे गए

कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में मानसिक रोग विभाग की नई बिल्डिंग बनकर लगभग तैयार हो चुकी है, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही और बजट की कमी के चलते अब तक इसे शुरू नहीं किया जा सका है। करीब दो साल से निर्माणाधीन इस बिल्डिंग का काम 12 मार्च 2026 तक पूरा होना था, लेकिन तय समय सीमा खत्म होने के बाद भी निर्माण कार्य जारी है। स्थिति यह है कि बिल्डिंग में अभी एसी, सर्वर रूम और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का काम चल रहा है। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने फर्नीचर, एसी और इलाज में इस्तेमाल होने वाली मशीनों के लिए शासन से करीब 3 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट मांगा है। मानसिक रोगियों के इलाज के लिए बनाई गई नई बिल्डिंग
हैलट अस्पताल परिसर स्थित मानसिक रोग विभाग में मरीजों की सुविधा बढ़ाने के लिए इस नई बिल्डिंग का निर्माण कराया गया है। यहां चिड़चिड़ापन, आत्महत्या के विचार, बार-बार एक ही काम करना, झगड़ालू व्यवहार और नशे की लत जैसी मानसिक बीमारियों का इलाज किया जाएगा। इसके अलावा छोटे बच्चों की काउंसलिंग और भर्ती के लिए अलग प्राइवेट रूम भी बनाए गए हैं। नई बिल्डिंग में मिलेंगी ये सुविधाएं
मानसिक रोग विभाग की इस नई तीन मंजिला बिल्डिंग में 10 पुरुष वार्ड, 10 महिला वार्ड और 10 डी-एडिक्शन बेड बनाए गए हैं। इसके साथ ही डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए अलग कमरे, योगा रूम, कॉन्फ्रेंस हॉल, मीटिंग रूम और छात्रों की पढ़ाई के लिए क्लासरूम भी तैयार किए गए हैं। बिल्डिंग में दो लिफ्ट और हर फ्लोर पर तीन कॉमन वॉशरूम भी बनाए गए हैं। हालांकि डेडलाइन खत्म होने के बाद भी अभी तक बिल्डिंग मेडिकल कॉलेज प्रशासन को हैंडओवर नहीं की गई है। शासन पहले ही जारी कर चुका है 21 करोड़ से ज्यादा बजट
इस परियोजना के लिए शासन ने 13 मार्च 2024 को 21 करोड़ 17 लाख 35 हजार रुपए का बजट जारी किया था। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इसके लिए 17 मार्च 2023 को शासन को प्रस्ताव भेजा था। पहली किस्त के रूप में करीब 5 करोड़ 29 लाख रुपए जारी किए गए थे। इसके बाद निर्माण कार्य की जिम्मेदारी कानपुर की मै. गंगा इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड को दी गई थी। दो महीने बाद भी जारी है निर्माण कार्य
निर्माण एजेंसी को 12 मार्च 2026 तक काम पूरा करना था, लेकिन दो महीने बाद भी बिल्डिंग पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी है। वर्तमान में एसी लगाने और सर्वर रूम तैयार करने का काम चल रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अब अस्पताल के अंदर जरूरी मशीनें, फर्नीचर और अन्य सुविधाएं शुरू करने के लिए 2 करोड़ 95 लाख 49 हजार 572 रुपए के अतिरिक्त बजट की मांग शासन से की है। फर्नीचर और मशीनों के लिए मांगे गए करीब 3 करोड़ रुपए
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजय काला ने शासन से फर्नीचर, मशीनों और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए अतिरिक्त बजट की मांग की है। प्रिंसिपल की ओर से 2 करोड़ 91 लाख 15 हजार 427 रुपए फर्नीचर और मशीनों के लिए, जबकि 4 लाख 34 हजार 145 रुपए साज-सज्जा के लिए मांगे गए हैं। इस तरह नई बिल्डिंग को पूरी तरह संचालित करने के लिए कुल 2 करोड़ 95 लाख 49 हजार 572 रुपए की अतिरिक्त आवश्यकता बताई गई है। बजट मिलने के बाद ही बिल्डिंग में बाकी सुविधाएं शुरू हो सकेंगी। शासन को भेजा गया प्रस्ताव
इस संबंध में मानसिक रोग विभाग के एचओडी डॉ. धनंजय चौधरी की अध्यक्षता में डॉ. कर्तिका चावला और डॉ. आयुषी देवेंद्र सिंह ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल को प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. संजय काला ने 30 अप्रैल 2026 को इस प्रस्ताव को महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण को अग्रसारित कर दिया। अब शासन से मंजूरी मिलने के बाद ही धनराशि जारी होगी और शेष कार्य पूरे किए जाएंगे। हालांकि मौजूदा स्थिति को देखते हुए नई बिल्डिंग शुरू होने में अभी और समय लग सकता है।
HOD बोले- भवन समय से पहले तैयार कराया
मानसिक रोग विभाग के एचओडी डॉ. धनंजय चौधरी ने बताया, “इस बिल्डिंग का निर्माण करीब दो साल पहले शुरू हुआ था और इसे तय समय से पहले तैयार करा लिया गया है। अब फर्नीचर और अन्य सुविधाओं के लिए शासन से बजट मांगा गया है। जब तक शासन से फर्नीचर उपलब्ध नहीं होता, तब तक प्रिंसिपल डॉ. संजय काला ने अस्थायी रूप से फर्नीचर उपलब्ध कराने की बात कही है।

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