सूरजपुर. शहर की सडक़ों पर तेज आवाज वाले साइलेंसर लगाकर बुलेट (Sound silencer) को फर्राटे से दौड़ाने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध सूरजपुर यातायात पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। ऐसे वाहन चालकों की वजह से सडक़ पर ध्वनि प्रदूषण बढऩे के साथ ही आमजन, बुजुर्गों, बच्चों एवं अन्य वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने यातायात प्रभारी को तेज आवाज वाले साइलेंसर लगे वाहनों की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इस मामले में पुलिस ने 5 युवकों को बुलेट के साथ पकड़ा और साइलेंसर निकलवाया।
एसपी के निर्देश पर यातायात पुलिस ने 8 अगस्त को शहर में विशेष कार्रवाई की गई। इस दौरान तेज ध्वनि वाले साइलेंसर लगाकर 5 युवक बुलेट चलाते मिले। उन्हें रुकवाकर पुलिस ने मौके पर ही वाहनों से तेज आवाज वाले साइलेंसर निकलवाए तथा संबंधित वाहन चालकों के विरूद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की। सूरजपुर पुलिस (Surajpur police news) ने स्पष्ट किया है कि सडक़ पर वाहन चलाना केवल स्वयं की सुविधा नहीं, बल्कि दूसरों की सुरक्षा और सुविधा की भी जिम्मेदारी है।
बुलेट में कंपनी द्वारा निर्धारित मानक साइलेंसर के स्थान पर तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर चलाना आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बनता है। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक करना और शहर में शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखना है।
Silencer removed from bullet: वाहन चालक खुद हटाएं साइलेंसर
यातायात प्रभारी बृजकिशोर पाण्डेय ने बुलेट एवं अन्य वाहन चालकों से अपील करते हुए कहा कि बुलेट की पहचान उसकी आवाज नहीं, आपकी जिम्मेदारी और सुरक्षित ड्राइविंग से होती है। उन्होंने कहा कि बुलेट वाहनों में तेज आवाज वाले या मॉडिफाइड साइलेंसर लगे हैं तो वे पुलिस की कार्रवाई का इंतजार न करें, बल्कि स्वेच्छा से ऐसे साइलेंसर निकलवाकर कंपनी द्वारा निर्धारित मानक साइलेंसर लगवाएं।
सडक़ पर स्टाइल या तेज आवाज के लिए वाहन में अनावश्यक बदलाव न करें। तेज आवाज से किसी को परेशानी हो सकती है और कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है। नियमों का पालन करें, दूसरों की सुविधा का सम्मान करें और सुरक्षित यातायात व्यवस्था में अपना योगदान दें।


