जयपुर। विश्व बैंक के बोर्ड ऑफ एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स ने राजस्थान में राज्य राजमार्गों के विकास, मजबूती और सुरक्षा सुधार के लिए 225 मिलियन डॉलर (करीब 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक) की राजस्थान राजमार्ग आधुनिकीकरण परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना का उद्देश्य प्रदेश में सड़क अवसंरचना को आधुनिक, सुरक्षित और अधिक सक्षम बनाना है।
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रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
इस परियोजना के तहत औद्योगिक, खनन, पर्यटन और कृषि क्षेत्रों में गति आने की उम्मीद है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही लगभग 30 लाख से अधिक लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। यह परियोजना राजस्थान राज्य राजमार्ग प्राधिकरण को एक आधुनिक और सेवा-उन्मुख संस्था के रूप में विकसित करने में मदद करेगी, जो राज्य के राजमार्गों के रखरखाव और उन्नयन की जिम्मेदारी संभालेगी।
राजमार्गों का रखरखाव किया जाएगा
परियोजना के तहत लगभग 800 किलोमीटर चयनित राजमार्गों का उन्नयन और रखरखाव किया जाएगा, ताकि वे अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और जलवायु अनुकूल बन सकें। इस परियोजना में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और यातायात व्यवस्था बेहतर हो सके। भारत में पहली बार इस परियोजना में स्टेप-अप लोन मॉडल शामिल किया गया है। IBRD से प्राप्त ऋण की अंतिम परिपक्वता अवधि 35 वर्ष है, जिसमें 5 वर्ष की अनुग्रह अवधि भी शामिल है।
राजस्थान देश के बड़े राज्यों में शामिल है और यह देश के लगभग 40 प्रतिशत बाजारों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। वित्त वर्ष 2015-16 से 2023-24 के बीच राज्य की औसत वार्षिक विकास दर 11 प्रतिशत रही, लेकिन सड़क विकास उस अनुपात में आगे नहीं बढ़ सका। इस परियोजना से आर्थिक गलियारों में संपर्क मजबूत होगा और उद्योग, पर्यटन, कृषि तथा खनन क्षेत्रों में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।
राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियां मिलकर परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर काम करेंगी ताकि समय पर लक्ष्य पूरे किए जा सकें और आमजन को इसका सीधा लाभ मिले। इससे राजस्थान में सड़क सुरक्षा मानकों में सुधार होगा और यात्रियों के लिए यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम बनने की उम्मीद जताई गई है। यह परियोजना दीर्घकाल में राज्य के विकास को नई दिशा देने वाली साबित होगी।


