उधम सिंह नगर में नीले ड्रम ने खोली सास-बहू की पोल पट्टी, पुलिस ने किया गिरफ्तार, नेटवर्क की तलाश

उधम सिंह नगर में नीले ड्रम ने खोली सास-बहू की पोल पट्टी, पुलिस ने किया गिरफ्तार, नेटवर्क की तलाश

Udham Singh Nagar News: उधम सिंह नगर में कच्ची शराब की बरामदगी और सास-बहू की गिरफ्तारी के बाद अब संपर्कों को तलाश कर रही है। व्यापार में अन्य कौन शामिल है? इसकी भी जांच हो रही है। जिनके माध्यम से कच्ची शराब का व्यापार फल फूल रहा था। स्थानीय लोगों का मानना है कि जिस तरह से शराब को सोफे के नीचे छुपाया गया था।  वह शातिर दिमाग का परिणाम है। फिलहाल पुलिस सास बहू को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है मामला रुद्रपुर थाना क्षेत्र का है।

नील ड्रम में बरामद हुआ पाउच

उत्तराखंड के रुद्रपुर के रम्पुर क्षेत्र में पुलिस ने कच्ची शराब का व्यापार करने वाली सास-बहू की जोड़ी को गिरफ्तार किया है। पुलिस की शुरुआती जांच में कुछ भी नहीं मिला। जिससे रुद्रपुर पुलिस काफी निराश थी। लेकिन इसी बीच पुलिस की निगाह सोफा सेट के नीचे रखे नीला और सफेद ड्रम दिखाई पड़ा। यह देख पुलिस चौकन्ना गई। उन्होंने सोफा हटाया तो नीचे से बड़ा ड्रम निकला। जिसमें कच्ची शराब के पाउच रखे हुए थे।

सास बहू को पुलिस ने किया गिरफ्तार

रुद्रपुर पुलिस ने कच्ची दारू के पाउच को अपने कब्जे में लिया। जोगवती देवी और हीरा देवी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान जानकारी हुई थी दोनों लंबे समय से कच्ची शराब के व्यापार में लगे हुए हैं। पाउच को ड्रम के अंदर छुपा कर रखा जाता था। ड्रम रखने के लिए जमीन में गड्ढा खोदा गया था।

घनी बस्ती में चल रहा था कच्ची दारू का व्यवसाय

स्थानीय लोगों का कहना है कि रम्पुर के घनी बस्ती में लंबे समय से कच्ची दारू का व्यापार चल रहा था। पुलिस आई थी लेकिन उसे कुछ नहीं मिलता था। इससे पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे थे। जिस हिसाब से शराब को जमीन के अंदर ड्रम में छुपा कर रखा गया था।उससे यह बात साबित होती है कि काफी लंबे समय से कच्ची दारू की बिक्री का काम चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। इससे कई लोगों के घर भी बिगड़ रहे थे।

कच्ची दारू काफी नुकसानदायक

कच्ची दारू सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है क्योंकि इसका निर्माण मानक के अनुरूप नहीं होता है। घरेलू स्तर पर ही नाप-जोख करके कच्ची दारु बना ली जाती है। जिसमें बाजार में उपलब्ध नशीले पदार्थों का भी इस्तेमाल किया जाता है। कच्ची दारू के पीने से अंधापन, किडनी को नुकसान होता है। यह जानलेवा भी है। ‌फिलहाल पुलिस की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा हो सकता है कि कच्ची दारू कहां से मंगाई जाती थी?

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