किशनगंज में रेतुआ नदी पर बना डायवर्सन बहा:दर्जनों गांवों का संपर्क टूटा, 12 KM लंबी दूरी तय कर रहे लोग

किशनगंज में रेतुआ नदी पर बना डायवर्सन बहा:दर्जनों गांवों का संपर्क टूटा, 12 KM लंबी दूरी तय कर रहे लोग

किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड की धवेली पंचायत स्थित लोधाबाड़ी में रेतुआ नदी पर बना अस्थायी डायवर्सन बुधवार को तेज बहाव में बह गया। इस घटना से दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है, जिससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां आरपी कंस्ट्रक्शन द्वारा एक आरसीसी पुल का निर्माण किया जा रहा है। पुल का कार्य पूरा होने तक स्थानीय लोगों की आवाजाही के लिए नदी पर यह अस्थायी डायवर्सन बनाया गया था। बुधवार को रेतुआ नदी में जलस्तर अचानक बढ़ने से तेज धार के कारण डायवर्सन पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर बह गया। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी बाधा डायवर्सन के बह जाने से लोधाबाड़ी सहित आसपास के कई गांवों के निवासियों को भारी असुविधा हो रही है। ग्रामीणों को अब अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लगभग 12 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे दैनिक कार्यों, बाजार आवागमन, स्कूली बच्चों की शिक्षा और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी बाधा आ रही है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पुल निर्माण अधूरा होने के कारण यह डायवर्सन ही आवागमन का एकमात्र साधन था। इसके बह जाने से दोनों ओर के गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। आपात स्थिति में एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पा रही है, और किसानों को अपनी फसल मंडी तक ले जाने में भी कठिनाई हो रही है। तत्काल वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने की मांग स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और निर्माण एजेंसी से तत्काल वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने आरसीसी पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाने का भी आग्रह किया है, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कोई व्यवस्था नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे। फिलहाल, संबंधित विभाग की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था शुरू नहीं की गई है। ऐसे में लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड की धवेली पंचायत स्थित लोधाबाड़ी में रेतुआ नदी पर बना अस्थायी डायवर्सन बुधवार को तेज बहाव में बह गया। इस घटना से दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है, जिससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां आरपी कंस्ट्रक्शन द्वारा एक आरसीसी पुल का निर्माण किया जा रहा है। पुल का कार्य पूरा होने तक स्थानीय लोगों की आवाजाही के लिए नदी पर यह अस्थायी डायवर्सन बनाया गया था। बुधवार को रेतुआ नदी में जलस्तर अचानक बढ़ने से तेज धार के कारण डायवर्सन पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर बह गया। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी बाधा डायवर्सन के बह जाने से लोधाबाड़ी सहित आसपास के कई गांवों के निवासियों को भारी असुविधा हो रही है। ग्रामीणों को अब अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लगभग 12 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे दैनिक कार्यों, बाजार आवागमन, स्कूली बच्चों की शिक्षा और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी बाधा आ रही है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पुल निर्माण अधूरा होने के कारण यह डायवर्सन ही आवागमन का एकमात्र साधन था। इसके बह जाने से दोनों ओर के गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। आपात स्थिति में एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पा रही है, और किसानों को अपनी फसल मंडी तक ले जाने में भी कठिनाई हो रही है। तत्काल वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने की मांग स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और निर्माण एजेंसी से तत्काल वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने आरसीसी पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाने का भी आग्रह किया है, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कोई व्यवस्था नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को विवश होंगे। फिलहाल, संबंधित विभाग की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था शुरू नहीं की गई है। ऐसे में लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं।  

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