पटना में बेरोजगार नौजवानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में जहानाबाद के अरवल मोड़ पर भाकपा माले, इंकलाबी नौजवान सभा और आइसा ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने बिहार पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। संगठनों ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर नौकरी की मांग कर रहे बेरोजगार नौजवानों पर पटना में बिहार पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इस घटना में दर्जनों नौजवान घायल हुए, कुछ के हाथ-पैर टूटे और गंभीर चोटें आईं। प्रदर्शनकारी लड़कियों को भी पीटा गया। अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई
पुलिस ने सैकड़ों नौजवानों को हिरासत में लिया है और 5000 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। भाकपा माले, इंकलाबी नौजवान सभा और आइसा ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, घायलों के समुचित इलाज और गिरफ्तार छात्रों की बिना शर्त रिहाई की मांग की है। पुतला दहन के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि भाजपा और जदयू की सरकार निरंकुश हो गई है। सरकार नौकरी देने के बजाय पुलिस लाठियां चला रही है। शोषित व वंचित वर्गों पर दबाव बनाया जा रहा
नेताओं ने आगे कहा कि देश के भीतर शैक्षणिक संस्थानों में उन्माद फैलाया जा रहा है। उच्च शिक्षा में सीटों की कटौती और फीस वृद्धि कर शोषित व वंचित वर्गों पर दबाव बनाया जा रहा है। कैंपस में सांप्रदायिक हमलों को बढ़ावा दिया जा रहा है और शिक्षा का निजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भाजपा शासित प्रदेशों जैसे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, राजस्थान और असम के विभिन्न शहरों में काम करने गए बेरोजगार नौजवान अब अपने घरों को लौट रहे हैं। नेताओं ने टीआरई-4 शिक्षक बहाली को जल्द से जल्द प्रकाशित कर नियुक्तियां करने की मांग की। सभा को संबोधित करने वालों में भाकपा माले राज्य कमेटी सदस्य रविंद्र यादव, इंकलाबी नौजवान सभा के जिला संयोजक डॉ. धनंजय कुमार, जोगिंदर यादव, वितन मांझी, विनोद कुमार भारती, अरुण बिंद, प्रभात कुमार, उदय पासवान, सतीश चौधरी, नीतीश कुमार, मिठ्ठू विश्वकर्मा, विजय कुमार बिंद और प्रमोद कुमार शामिल थे। पटना में बेरोजगार नौजवानों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में जहानाबाद के अरवल मोड़ पर भाकपा माले, इंकलाबी नौजवान सभा और आइसा ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने बिहार पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। संगठनों ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर नौकरी की मांग कर रहे बेरोजगार नौजवानों पर पटना में बिहार पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इस घटना में दर्जनों नौजवान घायल हुए, कुछ के हाथ-पैर टूटे और गंभीर चोटें आईं। प्रदर्शनकारी लड़कियों को भी पीटा गया। अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई
पुलिस ने सैकड़ों नौजवानों को हिरासत में लिया है और 5000 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। भाकपा माले, इंकलाबी नौजवान सभा और आइसा ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई, घायलों के समुचित इलाज और गिरफ्तार छात्रों की बिना शर्त रिहाई की मांग की है। पुतला दहन के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि भाजपा और जदयू की सरकार निरंकुश हो गई है। सरकार नौकरी देने के बजाय पुलिस लाठियां चला रही है। शोषित व वंचित वर्गों पर दबाव बनाया जा रहा
नेताओं ने आगे कहा कि देश के भीतर शैक्षणिक संस्थानों में उन्माद फैलाया जा रहा है। उच्च शिक्षा में सीटों की कटौती और फीस वृद्धि कर शोषित व वंचित वर्गों पर दबाव बनाया जा रहा है। कैंपस में सांप्रदायिक हमलों को बढ़ावा दिया जा रहा है और शिक्षा का निजीकरण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भाजपा शासित प्रदेशों जैसे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, राजस्थान और असम के विभिन्न शहरों में काम करने गए बेरोजगार नौजवान अब अपने घरों को लौट रहे हैं। नेताओं ने टीआरई-4 शिक्षक बहाली को जल्द से जल्द प्रकाशित कर नियुक्तियां करने की मांग की। सभा को संबोधित करने वालों में भाकपा माले राज्य कमेटी सदस्य रविंद्र यादव, इंकलाबी नौजवान सभा के जिला संयोजक डॉ. धनंजय कुमार, जोगिंदर यादव, वितन मांझी, विनोद कुमार भारती, अरुण बिंद, प्रभात कुमार, उदय पासवान, सतीश चौधरी, नीतीश कुमार, मिठ्ठू विश्वकर्मा, विजय कुमार बिंद और प्रमोद कुमार शामिल थे।


