गोपालगंज में जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कोर्ट परिसर को अतिक्रमण मुक्त करा लिया है। वर्षों से न्यायालय परिसर की जमीन पर बने अवैध पक्के और कच्चे निर्माणों को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई को न्याय व्यवस्था के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और वकीलों व फरियादियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि कोर्ट कैंपस की कीमती सरकारी जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर निर्माण कर लिया गया था। प्रशासन की ओर से कई बार अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर जमीन खाली करने का निर्देश दिया गया, लेकिन कब्जाधारियों ने चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया। इसके बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मौके पर एसडीएम समेत पुलिस और प्रशासन के वरीय अधिकारी मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि न्यायालय परिसर में आधुनिक वकालतखाना और अन्य जरूरी सुविधाओं के विकास की योजना है। इसके लिए जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना जरूरी था। भू-माफियाओं में मचा हड़कंप प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद सरकारी जमीनों पर कब्जा कर बैठे लोगों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि सार्वजनिक उपयोग की जमीन और सरकारी संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि कोर्ट परिसर में अवैध कब्जे के कारण लंबे समय से परेशानी हो रही थी। अब अतिक्रमण हटने के बाद न्यायालय परिसर का विकास संभव हो सकेगा और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। गोपालगंज में जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कोर्ट परिसर को अतिक्रमण मुक्त करा लिया है। वर्षों से न्यायालय परिसर की जमीन पर बने अवैध पक्के और कच्चे निर्माणों को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई को न्याय व्यवस्था के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और वकीलों व फरियादियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि कोर्ट कैंपस की कीमती सरकारी जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर निर्माण कर लिया गया था। प्रशासन की ओर से कई बार अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर जमीन खाली करने का निर्देश दिया गया, लेकिन कब्जाधारियों ने चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया। इसके बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर कार्रवाई शुरू की। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चला अभियान अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मौके पर एसडीएम समेत पुलिस और प्रशासन के वरीय अधिकारी मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि न्यायालय परिसर में आधुनिक वकालतखाना और अन्य जरूरी सुविधाओं के विकास की योजना है। इसके लिए जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना जरूरी था। भू-माफियाओं में मचा हड़कंप प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद सरकारी जमीनों पर कब्जा कर बैठे लोगों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने साफ कहा है कि सार्वजनिक उपयोग की जमीन और सरकारी संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि कोर्ट परिसर में अवैध कब्जे के कारण लंबे समय से परेशानी हो रही थी। अब अतिक्रमण हटने के बाद न्यायालय परिसर का विकास संभव हो सकेगा और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।


