कानपुर देहात में गौ-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन सख्त है। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) विधान जायसवाल ने 24 अप्रैल 2026 को राजपुर ब्लॉक के रसधान गांव स्थित अस्थायी गौ-आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कई खामियों पर नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। निरीक्षण के समय गौ-आश्रय स्थल पर 156 गोवंश संरक्षित पाए गए। मौके पर 155 कुंतल भूसा, 4 कुंतल पशु आहार और कुछ मात्रा में हरा चारा उपलब्ध था। हालांकि, नियमित रूप से हरा चारा न मिलने पर CDO ने विशेष रूप से नाराजगी जताई। CDO ने निर्देश दिए कि गौशाला परिसर की चारागाह भूमि पर हरा चारा उगाकर उसकी नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गोवंश के रखरखाव, चारा, पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों को गोवंश को मानक के अनुसार पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। पशु चिकित्साधिकारी को गोवंश का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही, गर्मी के मौसम को देखते हुए गोवंश के लिए पर्याप्त छाया और शीतल पेयजल की व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर अधूरे पाए गए और पिछले वित्तीय वर्ष के अभिलेख मौके पर उपलब्ध नहीं थे। इस पर CDO ने खंड विकास अधिकारी और सचिव को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने तत्काल सभी अभिलेख पूर्ण कर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, अन्यथा कार्रवाई की चेतावनी दी। गोवंश टैग पंजिका में पोर्टल पर अपलोड सूची और टीकाकरण का विवरण संलग्न न मिलने पर पशु चिकित्साधिकारी को चेतावनी दी गई। उन्हें अभिलेख तत्काल अपडेट करने को कहा गया, ऐसा न करने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। CDO ने यह भी पाया कि निर्देशों के बावजूद गौ-आश्रय स्थल पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। उन्होंने 2 दिन के भीतर कैमरे लगवाने के निर्देश दिए, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने गोबर के निस्तारण के लिए वर्मी कम्पोस्ट यूनिट स्थापित कर खाद तैयार करने और उसे किसानों को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।


