नवोदय के स्टूडेंट ने बाथरूम में फांसी लगाकर किया सुसाइड:जमुई में बेटे के डेड बॉडी से लिपटकर रोई मां, माइग्रेन का इलाज करा लौटा था

नवोदय के स्टूडेंट ने बाथरूम में फांसी लगाकर किया सुसाइड:जमुई में बेटे के डेड बॉडी से लिपटकर रोई मां, माइग्रेन का इलाज करा लौटा था

जमुई में 10वीं क्लास के स्टूडेंट ने स्कूल के बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना शुक्रवार को बरहट के लालमटिया खादीग्राम रोड स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में हुई है। मृतक छात्र की पहचान बरहट थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव निवासी सरकारी शिक्षक तारकेश्वर प्रसाद के बेटे आनंद कुमार (14) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, छात्र को बाथरूम से गंभीर अवस्था में बाहर निकाला गया और तुरंत जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर की टीम ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव रख जमुई के कचहरी चौक को जाम कर दिया है। इसके साथ ही वे स्कूल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। जाम के वजह से 1 किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी लाइन लगी है। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब जानें पूरी घटना… माइग्रेन के इलाज के लिए असम गया था – टीचर अजय कुमार स्कूल के टीचर अजय कुमार ने बताया कि, ‘आनंद छठी क्लास से ही नवोदय विद्यालय में पढ़ रहा था और पढ़ाई में काफी मेधावी छात्र था। साल 2025 में वह माइग्रेन के इलाज के लिए असम गया था और 2026 में वापस लौटा था। बीते रविवार को ही वह दोबारा स्कूल आया था।’ घटना की सूचना पर सदर अस्पताल पहुंचे पिता तारकेश्वर प्रसाद ने किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि, ‘मैं खुद टीचर हूं और स्कूल की इमेज को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता।’ किसी मानसिक या पारिवारिक दबाव में था – प्रिंसिपल सुजीत कुमार स्कूल के प्रिंसिपल सुजीत कुमार ने बताया कि, ‘मैंने 1 अप्रैल 2026 को ही पदभार संभाला है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्र हाल के दिनों में अकेला रह रहा था और संभावना है वो किसी मानसिक या पारिवारिक दबाव में था, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।’ घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल के साथ SDPO सतीश सुमन मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। रैगिंग के पुराने मामले फिर चर्चा में इसी विद्यालय में 28 मार्च 2026 को रैगिंग का मामला भी सामने आया था, जिसमें सीनियर छात्राओं पर जूनियर के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगा था और कई छात्राएं बेहोश हो गई थीं। उस समय अभिभावकों ने स्कूल में जमकर हंगामा किया था। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में पहले भी गुटबाजी, जातिवाद और अनुशासनहीनता की शिकायतें आती रही हैं, लेकिन स्कूल के शहर से दूर होने के कारण कई मामले दब जाते हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में छात्रों की मानसिक स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमुई में 10वीं क्लास के स्टूडेंट ने स्कूल के बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना शुक्रवार को बरहट के लालमटिया खादीग्राम रोड स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में हुई है। मृतक छात्र की पहचान बरहट थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव निवासी सरकारी शिक्षक तारकेश्वर प्रसाद के बेटे आनंद कुमार (14) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, छात्र को बाथरूम से गंभीर अवस्था में बाहर निकाला गया और तुरंत जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर की टीम ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव रख जमुई के कचहरी चौक को जाम कर दिया है। इसके साथ ही वे स्कूल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। जाम के वजह से 1 किलोमीटर तक गाड़ियों की लंबी लाइन लगी है। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब जानें पूरी घटना… माइग्रेन के इलाज के लिए असम गया था – टीचर अजय कुमार स्कूल के टीचर अजय कुमार ने बताया कि, ‘आनंद छठी क्लास से ही नवोदय विद्यालय में पढ़ रहा था और पढ़ाई में काफी मेधावी छात्र था। साल 2025 में वह माइग्रेन के इलाज के लिए असम गया था और 2026 में वापस लौटा था। बीते रविवार को ही वह दोबारा स्कूल आया था।’ घटना की सूचना पर सदर अस्पताल पहुंचे पिता तारकेश्वर प्रसाद ने किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि, ‘मैं खुद टीचर हूं और स्कूल की इमेज को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता।’ किसी मानसिक या पारिवारिक दबाव में था – प्रिंसिपल सुजीत कुमार स्कूल के प्रिंसिपल सुजीत कुमार ने बताया कि, ‘मैंने 1 अप्रैल 2026 को ही पदभार संभाला है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्र हाल के दिनों में अकेला रह रहा था और संभावना है वो किसी मानसिक या पारिवारिक दबाव में था, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।’ घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल के साथ SDPO सतीश सुमन मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। रैगिंग के पुराने मामले फिर चर्चा में इसी विद्यालय में 28 मार्च 2026 को रैगिंग का मामला भी सामने आया था, जिसमें सीनियर छात्राओं पर जूनियर के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगा था और कई छात्राएं बेहोश हो गई थीं। उस समय अभिभावकों ने स्कूल में जमकर हंगामा किया था। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में पहले भी गुटबाजी, जातिवाद और अनुशासनहीनता की शिकायतें आती रही हैं, लेकिन स्कूल के शहर से दूर होने के कारण कई मामले दब जाते हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में छात्रों की मानसिक स्थिति, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

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