अररिया के जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने संभावित बाढ़-2026 की पूर्व तैयारियों की समीक्षा के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र भवन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में स्थापित व्यवस्थाओं, संसाधनों और कार्यप्रणाली का जायजा लिया। निरीक्षण में पाया गया कि जिला आपातकालीन संचालन केंद्र में 24×7 नियंत्रण कक्ष (दूरभाष संख्या- 9471682459) स्थापित कर दिया गया है। इसमें आवश्यक कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है और रोस्टर के आधार पर उनकी ड्यूटी निर्धारित की गई है। सेटेलाइट फोन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई संचार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए नियंत्रण कक्ष में सेटेलाइट फोन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि आपात स्थिति में निर्बाध संचार सुनिश्चित हो सके। जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने अपर समाहर्ता (आपदा) और सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी को निर्देशित किया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम संबंधी पूर्वानुमानों और चेतावनियों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। इसका उद्देश्य आमजन को संभावित प्राकृतिक आपदाओं के प्रति पहले से सचेत करना है। जन-जागरूकता आपदा प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण पहलू जिला पदाधिकारी ने जोर दिया कि जन-जागरूकता आपदा प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण पहलू है। लोगों को सुरक्षित स्थानों की जानकारी, बाढ़ के समय बरती जाने वाली सावधानियां तथा राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित सूचनाएं समय रहते उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। जिला प्रशासन यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए सभी आवश्यक संसाधन और व्यवस्थाएं पूरी तरह सक्रिय एवं सुदृढ़ रहें, ताकि किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। अररिया के जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने संभावित बाढ़-2026 की पूर्व तैयारियों की समीक्षा के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र भवन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में स्थापित व्यवस्थाओं, संसाधनों और कार्यप्रणाली का जायजा लिया। निरीक्षण में पाया गया कि जिला आपातकालीन संचालन केंद्र में 24×7 नियंत्रण कक्ष (दूरभाष संख्या- 9471682459) स्थापित कर दिया गया है। इसमें आवश्यक कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है और रोस्टर के आधार पर उनकी ड्यूटी निर्धारित की गई है। सेटेलाइट फोन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई संचार व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए नियंत्रण कक्ष में सेटेलाइट फोन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि आपात स्थिति में निर्बाध संचार सुनिश्चित हो सके। जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने अपर समाहर्ता (आपदा) और सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी को निर्देशित किया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम संबंधी पूर्वानुमानों और चेतावनियों का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। इसका उद्देश्य आमजन को संभावित प्राकृतिक आपदाओं के प्रति पहले से सचेत करना है। जन-जागरूकता आपदा प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण पहलू जिला पदाधिकारी ने जोर दिया कि जन-जागरूकता आपदा प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण पहलू है। लोगों को सुरक्षित स्थानों की जानकारी, बाढ़ के समय बरती जाने वाली सावधानियां तथा राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित सूचनाएं समय रहते उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। जिला प्रशासन यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए सभी आवश्यक संसाधन और व्यवस्थाएं पूरी तरह सक्रिय एवं सुदृढ़ रहें, ताकि किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।


