पाकिस्तानी गैंगस्टर से ग्यास के तार: ATS-STF की बड़ी जांच, CRPF सेंटर की जानकारी लीक होने की आशंका से हड़कंप

पाकिस्तानी गैंगस्टर से ग्यास के तार: ATS-STF की बड़ी जांच, CRPF सेंटर की जानकारी लीक होने की आशंका से हड़कंप

Pakistan Gangster Connection: पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से कथित संपर्क के आरोप में गिरफ्तार मो. ग्यास मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। एटीएस और एसटीएफ की टीमें लगातार कई लोगों से पूछताछ कर रही हैं और मोबाइल डाटा के जरिए ग्यास के नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर ग्यास किन लोगों के संपर्क में था और उसके जरिए कौन-कौन लोग इस नेटवर्क से जुड़े हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई संदिग्ध लोगों को भी एजेंसियों ने रडार पर लिया है।

मोबाइल डाटा से खंगाले जा रहे संदिग्ध संपर्क

सूत्रों के अनुसार, मो. ग्यास और पहले गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध नंबर और चैट डाटा मिले हैं। इन्हीं जानकारियों के आधार पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार लोगों से पूछताछ कर रही हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि सोशल मीडिया के जरिए कई लोगों से संपर्क बनाए गए थे। एजेंसियां अब यह पता लगाने में लगी हैं कि यह नेटवर्क केवल ऑनलाइन बातचीत तक सीमित था या फिर इसके जरिए किसी बड़ी साजिश की तैयारी की जा रही थी।

बेटे को बेगुनाह बता रहे पिता

उधर, लखनऊ की गुसाईगंज जेल में बेटे से मुलाकात कर लौटे ग्यास के पिता तौफीक ने बेटे को पूरी तरह बेगुनाह बताया है। उनका कहना है कि ग्यास को सिर्फ सोशल मीडिया पर धार्मिक पोस्ट साझा करने के कारण गिरफ्तार किया गया है। तौफीक के अनुसार, एटीएस ने पांच मई को उनके बेटे के खिलाफ यूएपीए समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। उन्होंने दावा किया कि उनका बेटा किसी भी देश विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं रहा है और सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

एटीएस ने पिता-पुत्र के मोबाइल कब्जे में लिए

मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए एटीएस ने मो. ग्यास और उसके पिता तौफीक के मोबाइल फोन कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है। डिजिटल फॉरेंसिक टीम सोशल मीडिया अकाउंट, कॉल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री और अन्य ऑनलाइन गतिविधियों का विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल डाटा से इस नेटवर्क के कई अहम राज खुल सकते हैं।

जिले में कई स्थानों पर पहुंचीं जांच टीमें

पुलिस सूत्रों के मुताबिक एटीएस और एसटीएफ की संयुक्त टीमें जिले के कई इलाकों में पहुंचीं और ग्यास से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। टीमों ने उसके दोस्तों, परिचितों और सोशल मीडिया संपर्कों की भी जांच की। एजेंसियों का फोकस यह समझने पर है कि ग्यास अकेले काम कर रहा था या फिर उसके साथ और लोग भी जुड़े हुए थे।

आतंकियों से जुड़े नेटवर्क की जांच तेज

सूत्रों का कहना है कि यह मामला पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई के इशारे पर देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हमले की योजना बनाने वाले आतंकियों से जुड़ा हो सकता है। जांच एजेंसियों को शक है कि मो. ग्यास इसी नेटवर्क को सूचनाएं उपलब्ध कराता था। हालांकि अब तक इस मामले में कई बिंदुओं की पुष्टि होना बाकी है और एजेंसियां हर एंगल से जांच कर रही हैं।

CRPF सेंटर की जानकारी लीक होने की आशंका

जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चिंता रामपुर स्थित सीआरपीएफ सेंटर से जुड़ी संभावित सूचनाओं का लीक होना है। एटीएस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं ग्यास ने किसी संवेदनशील प्रतिष्ठान की जानकारी पाकिस्तान से जुड़े लोगों या गैंगस्टर नेटवर्क तक तो नहीं पहुंचाई। इस एंगल को बेहद गंभीर माना जा रहा है और इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।

सोशल मीडिया गतिविधियों की हो रही गहन जांच

एटीएस ने शुक्रवार को ग्यास के सोशल मीडिया अकाउंट्स की विस्तृत जांच शुरू की। एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि वह किन प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय था और किस तरह लोगों को कथित रूप से देशविरोधी गतिविधियों से जोड़ता था। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि रामपुर और आसपास के कितने युवा उसके संपर्क में थे और वह पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी तक कैसे पहुंचा।

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