डिजिटल दौर में आइडेंटिटी ही हमारी सबसे बड़ी संपत्ति है। लेकिन क्या हो, जब हमारी आइडेंटिटी का दुरुपयोग हो रहा हो और हमें पता भी न चले। हाल ही में फेक आईडी पर सिम कार्ड खरीदने-बेचने का एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बीते दिनों डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशन ने ऑपरेशन ‘FACE’ (फेशियल ऑथेंटिकेशन एंड कंप्लायंस एनफोर्समेंट) चलाया। इसके तहत 880 संदिग्ध चेहरों पर 1.21 लाख सिम कार्ड जारी होने का खुलासा किया। इनमें मध्यप्रदेश में 700 लोगों के नाम पर करीब 1 लाख सिम और छत्तीसगढ़ में 180 लोगों के नाम पर 21 हजार सिम एक्टिव मिले। इसलिए ये जानना जरूरी है कि कहीं हमारे नाम पर भी कोई फर्जी सिम तो नहीं चल रहा। आज ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में हम फर्जी सिम कार्ड के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे- एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- फर्जी सिम कार्ड क्या है? जवाब- फर्जी सिम कार्ड किसी व्यक्ति की पहचान (जैसे आधार, आईडी या फेस ऑथेंटिकेशन) का गलत या बिना अनुमति इस्तेमाल करके जारी कराया जाता है। सवाल- यूजर की सहमति के बिना सिम कार्ड कैसे इश्यू हो जाते हैं? जवाब- सिम जारी करने की प्रक्रिया में लापरवाही या धोखाधड़ी के कारण ऐसा होता है। सवाल- फर्जी सिम का इस्तेमाल किन कामों में किया जाता है? जवाब- फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल आमतौर पर ऐसी गतिविधियों में किया जाता है, जहां असली पहचान छिपानी होती है। इससे अपराधी धोखा देकर बच निकलते हैं। नीचे ग्राफिक में फर्जी सिम के यूज देखिए- सवाल- एक आम इंसान के लिए उसके नाम से फर्जी सिम होना कितना खतरनाक हो सकता है? जवाब- यह व्यक्ति की पहचान और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। इसके कई रिस्क हो सकते हैं। जैसेकि- सवाल- एक ID पर कितने सिम लेने की लिमिट है? जवाब- डिपार्टमेंट ऑफ टेलिकम्युनिकेशन (DOT) के नियमों के अनुसार, एक व्यक्ति अपनी एक आईडी पर अधिकतम 9 सिम कार्ड ले सकता है। जम्मू-कश्मीर, असम और उत्तर-पूर्व के राज्यों में 6 सिम की सीमा निर्धारित है। सवाल- आपके नाम पर कितने सिम एक्टिव हैं, कैसे पता करें? जवाब- ऑनलाइन चेक कर सकते हैं कि आपकी आईडी पर कितने सिम एक्टिव हैं। इसके लिए सरकार ने ‘संचार साथी’ वेबसाइट में सुविधा दी है। नीचे ग्राफिक में इसका स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस समझें। सवाल- अगर आपके नाम पर फर्जी सिम मिले तो तुरंत क्या करें? जवाब- सबसे पहले घबराएं नहीं। तुरंत ‘संचार साथी’ पोर्टल पर जाकर संदिग्ध नंबर को ‘नॉट माय नंबर’ पर जाकर रिपोर्ट करें। पूरा प्रोसेस ग्राफिक में देखिए- सवाल- सिम खरीदते समय क्या सावधानियां रखें? जवाब- सिम लेते समय छोटी-सी लापरवाही भी बड़े फ्रॉड का कारण बन सकती है, इसलिए ये सावधानियां जरूर रखें- सवाल- फर्जी सिम कार्ड के फ्रॉड से बचने के लिए क्या करें? जवाब- थोड़ी सावधानी और नियमित जांच से आप इस तरह के फ्रॉड से खुद को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं। सभी सेफ्टी टिप्स ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर फर्जी सिम से फ्रॉड का शक हो तो क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में तुरंत एक्शन लेना जरूरी है, ताकि नुकसान बढ़ने से रोका जा सके। इसके लिए ये कदम उठाएं- ………………
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