नवादा जिले के हिसुआ नगर के गया-राजगीर फुलवरिया गांव बाईपास रोड स्थित आहर से शनिवार को एक अज्ञात व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। यह शव कई दिन पुराना प्रतीत होता है और अत्यधिक सड़ी-गली अवस्था में था। स्थानीय लोगों ने शव को पानी की सतह पर तैरते हुए देखा, जिसके बाद मौके पर ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। शव को पानी से निकालते समय उसका सिर धड़ से अलग हो गया था, जिससे उसकी पहचान करना और भी मुश्किल हो गया है। शव की स्थिति देखकर आशंका जताई जा रही है कि हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से इसे आहर में फेंका गया हो। हालांकि, यह भी संभावना है कि यह किसी अन्य कारण से पानी में डूब गया हो। शव पर गर्म इनर समेत 5-6 जोड़ी कपड़े थे, जिससे यह किसी विक्षिप्त व्यक्ति का होने का संदेह है। घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 टीम मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार और एसआई स्वीटी कुमारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर मौजूद थे। स्थानीय पार्षद अशोक सिंह के सहयोग से नगर परिषद के सफाई कर्मियों की मदद से शव को आहर से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसकी शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह हत्या का मामला है या अप्राकृतिक मौत। नवादा जिले के हिसुआ नगर के गया-राजगीर फुलवरिया गांव बाईपास रोड स्थित आहर से शनिवार को एक अज्ञात व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। यह शव कई दिन पुराना प्रतीत होता है और अत्यधिक सड़ी-गली अवस्था में था। स्थानीय लोगों ने शव को पानी की सतह पर तैरते हुए देखा, जिसके बाद मौके पर ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। शव को पानी से निकालते समय उसका सिर धड़ से अलग हो गया था, जिससे उसकी पहचान करना और भी मुश्किल हो गया है। शव की स्थिति देखकर आशंका जताई जा रही है कि हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से इसे आहर में फेंका गया हो। हालांकि, यह भी संभावना है कि यह किसी अन्य कारण से पानी में डूब गया हो। शव पर गर्म इनर समेत 5-6 जोड़ी कपड़े थे, जिससे यह किसी विक्षिप्त व्यक्ति का होने का संदेह है। घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 टीम मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार और एसआई स्वीटी कुमारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर मौजूद थे। स्थानीय पार्षद अशोक सिंह के सहयोग से नगर परिषद के सफाई कर्मियों की मदद से शव को आहर से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसकी शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह हत्या का मामला है या अप्राकृतिक मौत।


