बेगूसराय में तेज आंधी-बारिश से सड़क पर गिरे पेड़:गंगा किनारे बनी झोपड़ियां भी गिरीं; बिजली के तार टूटने से कई इलाकों में पावर कट

बेगूसराय में तेज आंधी-बारिश से सड़क पर गिरे पेड़:गंगा किनारे बनी झोपड़ियां भी गिरीं; बिजली के तार टूटने से कई इलाकों में पावर कट

बेगूसराय में मंगलवार देर रात अचानक तेज आंधी-तूफान के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे जिले में जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण जिले भर में हर तरफ टूटे हुए पेड़, गिरे हुए बिजली के पोल और उड़ती हुई टिन की छतें कुदरत के इस कहर की गवाही दे रहे हैं। देर रात आई इस भीषण आंधी का सबसे बड़ा असर जिले की बिजली आपूर्ति पर पड़ा है। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि जिला भर में दर्जनों जगहों पर भारी पैमाने पर बिजली के तार टूट गए और कई पोल जमीनदोज हो गए। इसके चलते बेगूसराय शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार लाइनों पर पेड़ गिरने और पोल क्षतिग्रस्त होने के कारण ऐहतियातन सप्लाई बंद करनी पड़ी। कई सब-स्टेशनों में भी तकनीकी खराबी आई है। विभाग की टीमें सुबह से ही युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी हैं, लेकिन नुकसान इतना बड़ा है कि पूरी तरह से बिजली बहाल होने में काफी समय लग रहा है। लोग बिजली के लिए परेशान हैं। सड़कों पर गिरे विशालकाय पेड़, आवागमन ठप आंधी-तूफान के कारण बेगूसराय मुख्यालय और तेघड़ा अनुमंडल सहित जिले के विभिन्न सड़कों पर विशालकाय पेड़ उखड़कर सड़कों पर आ गिरे। पेड़ गिरने के कारण बेगूसराय और तेघड़ा के कई इलाकों में आवागमन ठप हो गया है। सुबह के समय काम पर निकलने वाले लोगों, राहगीरों और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय प्रशासन सड़कों से पेड़ हटाकर रास्ता साफ करने के प्रयास में जुटी है। अयोध्या गंगा घाट पर मचा हाहाकार इस प्राकृतिक आपदा का सबसे दर्दनाक मंजर तेघड़ा के प्रसिद्ध अयोध्या मिथिला गंगा घाट पर देखने को मिला। देर रात आई तेज आंधी ने घाट किनारे स्थित सभी होटलों, चाय की दुकानों और अन्य छोटे-मोटे दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई दुकानों के छप्पर और टिन शेड हवा में उड़ गए। शुरुआती आकलन के अनुसार, इस तबाही में दुकानदारों को 10 लाख से अधिक की क्षति हुई है। सदर अस्पताल के सामने सोलर प्लेट का पोल क्षतिग्रस्त शहरी क्षेत्र में भी आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया है। बेगूसराय सदर अस्पताल के ठीक सामने लगा एक भारी-भरकम सोलर प्लेट का पोल आंधी के झोंकों को बर्दाश्त नहीं कर सका और बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। राहत की बात यह रही कि घटना देर रात की है, जिसके कारण उस समय अस्पताल के बाहर भीड़ नहीं थी, अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था। प्रशासन अलर्ट, राहत कार्य जारी घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर पहले मुख्य सड़कों से पेड़ हटाकर यातायात सुचारू किया जा रहा है और अस्पताल जैसी आपातकालीन जगहों पर बिजली बहाली के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रभावित दुकानदारों ने सरकार और प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है। बेगूसराय में मंगलवार देर रात अचानक तेज आंधी-तूफान के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे जिले में जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण जिले भर में हर तरफ टूटे हुए पेड़, गिरे हुए बिजली के पोल और उड़ती हुई टिन की छतें कुदरत के इस कहर की गवाही दे रहे हैं। देर रात आई इस भीषण आंधी का सबसे बड़ा असर जिले की बिजली आपूर्ति पर पड़ा है। आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि जिला भर में दर्जनों जगहों पर भारी पैमाने पर बिजली के तार टूट गए और कई पोल जमीनदोज हो गए। इसके चलते बेगूसराय शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार लाइनों पर पेड़ गिरने और पोल क्षतिग्रस्त होने के कारण ऐहतियातन सप्लाई बंद करनी पड़ी। कई सब-स्टेशनों में भी तकनीकी खराबी आई है। विभाग की टीमें सुबह से ही युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य में जुटी हैं, लेकिन नुकसान इतना बड़ा है कि पूरी तरह से बिजली बहाल होने में काफी समय लग रहा है। लोग बिजली के लिए परेशान हैं। सड़कों पर गिरे विशालकाय पेड़, आवागमन ठप आंधी-तूफान के कारण बेगूसराय मुख्यालय और तेघड़ा अनुमंडल सहित जिले के विभिन्न सड़कों पर विशालकाय पेड़ उखड़कर सड़कों पर आ गिरे। पेड़ गिरने के कारण बेगूसराय और तेघड़ा के कई इलाकों में आवागमन ठप हो गया है। सुबह के समय काम पर निकलने वाले लोगों, राहगीरों और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय प्रशासन सड़कों से पेड़ हटाकर रास्ता साफ करने के प्रयास में जुटी है। अयोध्या गंगा घाट पर मचा हाहाकार इस प्राकृतिक आपदा का सबसे दर्दनाक मंजर तेघड़ा के प्रसिद्ध अयोध्या मिथिला गंगा घाट पर देखने को मिला। देर रात आई तेज आंधी ने घाट किनारे स्थित सभी होटलों, चाय की दुकानों और अन्य छोटे-मोटे दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई दुकानों के छप्पर और टिन शेड हवा में उड़ गए। शुरुआती आकलन के अनुसार, इस तबाही में दुकानदारों को 10 लाख से अधिक की क्षति हुई है। सदर अस्पताल के सामने सोलर प्लेट का पोल क्षतिग्रस्त शहरी क्षेत्र में भी आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया है। बेगूसराय सदर अस्पताल के ठीक सामने लगा एक भारी-भरकम सोलर प्लेट का पोल आंधी के झोंकों को बर्दाश्त नहीं कर सका और बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर गिर गया। राहत की बात यह रही कि घटना देर रात की है, जिसके कारण उस समय अस्पताल के बाहर भीड़ नहीं थी, अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था। प्रशासन अलर्ट, राहत कार्य जारी घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता के आधार पर पहले मुख्य सड़कों से पेड़ हटाकर यातायात सुचारू किया जा रहा है और अस्पताल जैसी आपातकालीन जगहों पर बिजली बहाली के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रभावित दुकानदारों ने सरकार और प्रशासन से मुआवजे की गुहार लगाई है।  

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