पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने इस बात की जानकारी दी। शिकायत 20 मई को अधिवक्ता रिंकी चट्टोपाध्याय सिंह ने सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, बनर्जी ने दो टिप्पणियां कीं, एक 2025 में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान और दूसरी विधानसभा चुनावों से पहले धर्मतला में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान, जिनसे कथित तौर पर भारत और दुनिया भर में लाखों सनातनी हिंदुओं की आस्था और भावनाओं को ठेस पहुंची।
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पुलिस ने बताया कि वकील ने यह भी आरोप लगाया कि ये बयान असंवैधानिक और भड़काऊ प्रकृति के थे। शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि बनर्जी ने कहा था कि एक विशेष समुदाय चाहे तो पांच मिनट के भीतर दूसरे समुदायों को खत्म कर सकता है। संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति से ऐसी टिप्पणियों की अपेक्षा नहीं की जाती। सिंह ने दावा किया कि पुलिस ने शुरू में शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया था और बार-बार अनुरोध करने के बाद ही कार्रवाई की।
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एफआईआर धारा 351 (आपराधिक धमकी), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 353 (झूठे बयान फैलाना), 354 (ईश्वरीय अप्रसन्नता का विश्वास दिलाकर धमकाना), 356 (आपराधिक मानहानि) और 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य) के तहत दर्ज की गई है। सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि जांच जारी है। अधिकारी ने बताया कि हमें शिकायत प्राप्त हुई है और प्रक्रिया के अनुसार मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच चल रही है और एफआईआर में उल्लिखित सभी पहलुओं की छानबीन की जा रही है।
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