प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने बड़ा निर्णय लिया है। अब राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के संचालन समय में बदलाव करने या आवश्यकता पड़ने पर अवकाश घोषित करने का अधिकार संबंधित जिला कलेक्टर को दे दिया गया है। हालांकि इससे पहले ही स्कूलों का समय परिवर्तन का आदेश कलेक्टर निकाल चुके हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट के आदेश के अनुसार, स्थानीय परिस्थितियों और भीषण गर्मी की स्थिति को देखते हुए जिला कलेक्टर अपने जिले में संचालित राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों के लिए आवश्यक निर्णय ले सकेंगे। इसमें स्कूल समय में परिवर्तन से लेकर अवकाश घोषित करने तक का अधिकार शामिल है। यह व्यवस्था ग्रीष्मावकाश शुरू होने से पहले, यानी 16 मई 2026 तक प्रभावी रहेगी। जिला कलेक्टर अपने जिले के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी से समन्वय स्थापित कर आवश्यक आदेश जारी कर सकेंगे। हालांकि, शिक्षा निदेशालय का यह आदेश कुछ देरी से जारी हुआ है। इससे पहले ही प्रदेश के कई जिलों में जिला कलेक्टर स्थानीय मौसम परिस्थितियों को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव कर चुके हैं। कई स्थानों पर सुबह की पारी में स्कूल संचालित किए जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को भीषण गर्मी से राहत मिल सके। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि समय परिवर्तन या अवकाश का निर्णय केवल विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा। इसका उद्देश्य तेज गर्मी और लू के प्रभाव से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इन जिलों में बदल चुका है समय स्कूलों का समय बदलकर सुबह साढ़े सात बजे कहीं साढ़े ग्यारह बजे कर दिया गया है तो कहीं बारह बजे हुआ है। बीकानेर में कलेक्टर निशांत जैन ने स्कूल सुबह साढ़े सात से साढ़े ग्यारह बजे तक कर दिए हैं, वहीं श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, चूरू सहित कई अन्य जिलों में भी स्कूलों का समय बदल गया है।


