Donald Trump 3rd Attack Inside Story: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर चर्चा में हैं लेकिन इस बार वजह उनकी नीतियां नहीं, बल्कि उन पर हुआ तीसरा जानलेवा हमला है। पिछले दो साल में यह तीसरी बार है जब उनकी जान लेने की कोशिश की गई। सवाल सिर्फ सुरक्षा का नहीं है। सवाल यह भी है कि आखिर अमेरिका के भीतर ही कौन लोग हैं जो ट्रंप के इतने बड़े विरोधी बन चुके हैं।
डोनाल्ड ट्रंप पर तीसरी बार हुआ हमला
ताजा घटना वॉशिंगटन के एक हाई-प्रोफाइल इवेंट के दौरान सामने आई, जहां एक संदिग्ध व्यक्ति ट्रंप तक पहुंचने की कोशिश कर रहा था। सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते उसे पकड़ लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना के बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमलावर का मकसद क्या था और क्या वह किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा था या अकेले काम कर रहा था।
पहला हमला: जुलाई 2024 की रैली में गोलीबारी
13 जुलाई 2024 को पेंसिल्वेनिया में चुनावी रैली के दौरान ट्रंप पर गोली चलाई गई थी। हमलावर थॉमस मैथ्यू क्रूक्स (Thomas Matthew Crooks) एक निर्माणाधीन इमारत की छत से फायरिंग कर रहा था। एक गोली ट्रंप के कान को छूती हुई निकल गई, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग घायल हुए। सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर ने मौके पर ही हमलावर को मार गिराया। इस हमले का साफ मकसद आज तक सामने नहीं आ पाया है।
दूसरा हमला: गोल्फ क्लब के पास घात लगाकर इंतजार
15 सितंबर 2024 को फ्लोरिडा में ट्रंप इंटरनेशनल गोल्फ क्लब के पास दूसरा हमला हुआ। हमलावर रयान वेस्ली राउथ (Ryan Wesley Routh) झाड़ियों में छिपकर ट्रंप का इंतजार कर रहा था। सीक्रेट सर्विस ने समय रहते उसे देख लिया और फायरिंग कर दी। वह भागने में सफल रहा, लेकिन बाद में गिरफ्तार हुआ। जांच में सामने आया कि वह ट्रंप से गहरी नफरत करता था और उसने पहले भी उनके खिलाफ बयान दिए थे। बाद में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
अमेरिका में ट्रंप के दुश्मन कौन हैं?
ट्रंप के विरोध को समझने के लिए अमेरिका की राजनीति को समझना जरूरी है। वहां दो प्रमुख राजनीतिक ध्रुव रिपब्लिकन और डेमोक्रेट हैं। ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी से आते हैं, लेकिन उनकी शैली पारंपरिक राजनीति से अलग है। वे अमेरिका फर्स्ट और राष्ट्रवादी नीतियों पर जोर देते हैं, जिससे देश के भीतर ही कई वर्ग असहज महसूस करते हैं।
डेमोक्रेट समर्थक, लिबरल विचारधारा वाले लोग, कुछ आप्रवासी समुदाय और वे लोग जो सख्त नीतियों के खिलाफ हैं इनमें ट्रंप का विरोध ज्यादा देखने को मिलता है। दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप को सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि उनकी अपनी पार्टी के कुछ पुराने नेता भी पसंद नहीं करते।
नीतियों से बढ़ा टकराव
ट्रंप की नीतियां अक्सर विवादों में रहती हैं। चाहे वह इमिग्रेशन हो, टैक्स पॉलिसी, गन लॉ या विदेश नीति। उनकी ‘अमेरिका पहले’ नीति के चलते कई बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तनाव बढ़ा है। हाल ही में ईरान से जुड़ा तनाव और संभावित युद्ध जैसी स्थितियों ने अमेरिका के अंदर भी लोगों को प्रभावित किया है।
महंगाई, रोजगार और वैश्विक तनाव जैसे मुद्दों ने आम लोगों में असंतोष बढ़ाया है, जिसका असर ट्रंप की लोकप्रियता पर भी पड़ा है।
अमेरिकी राष्ट्रपतियों पर हमले पहले भी हुए
अमेरिका में राष्ट्रपति पर हमले नई बात नहीं हैं। इतिहास में कई राष्ट्रपतियों पर हमले हुए हैं और चार की हत्या तक हो चुकी है। फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट (Franklin D. Roosevelt) और रोनाल्ड रीगन (Ronald Reagan) जैसे नेता भी हमलों का सामना कर चुके हैं। ट्रंप का मामला इसलिए अलग है क्योंकि उन पर कम समय में बार-बार हमले हुए हैं जो यह दिखाता है कि राजनीतिक ध्रुवीकरण कितना बढ़ चुका है।

क्या ईरान तनाव से बढ़े दुश्मन?
ईरान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति ने भी ट्रंप के विरोध को बढ़ाया है। कुछ लोग मानते हैं कि उनकी सख्त विदेश नीति अमेरिका को अनावश्यक संघर्षों में धकेल सकती है जिससे आम नागरिकों पर आर्थिक और सामाजिक असर पड़ता है। हालांकि, उनके समर्थक इसे मजबूत नेतृत्व और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के रूप में देखते हैं।


