वही होटल-वही दहशत…, US प्रेसिडेंट्स के लिए क्यों खतरनाक है होटल वॉशिंगटन हिल्टन?

वही होटल-वही दहशत…, US प्रेसिडेंट्स के लिए क्यों खतरनाक है होटल वॉशिंगटन हिल्टन?

Washington Hilton Shooting Case Update: फायरिंग के बाद वॉशिंगटन हिल्टन सुर्खियों में है। लेकिन क्या आप जानते हैं? करीब 45 साल पहले यहीं पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन पर जानलेवा हमला हुआ था, जिसने पूरी दुनिया को हिला दिया था। अब दशकों बाद, इसी होटल में हुए ट्रंप डिनर पार्टी के दौरान फायरिंग की खबर ने इतिहास की वही डरावनी यादें ताजा कर दी हैं। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मौजूद थे, जिन्हें गोली चलने के बाद तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला गया।

अब संयोग कहिए या कुछ और… लेकिन ये एक ऐसा पैटर्न बनता दिख रहा है, जिसने इस जगह को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सच तो यह है कि दूसरी बार इसी लोकेशन पर सुरक्षा में चूक हुई है। क्यों यह होटल अमेरिकी राष्ट्रपतियों के लिए संवेदनशील बनता जा रहा है? ताजा घटना ने एक बार फिर इस हाई-प्रोफाइल जगह की सुरक्षा और उसके अतीत को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

45 साल पहले होटल वॉशिंगटन हिल्टन में क्या हुआ था?

ठीक 45 साल पहले साल 1981 में यही जगह एक बड़े हमले की गवाह बनी थी। 30 मार्च को, जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन होटल से भाषण देकर बाहर निकल रहे थे, तभी जॉन हिंकले जूनियर नाम के एक शख्स ने अचानक फायरिंग कर दी। जिनमें से एक रीगन के सीने में जा लगी। उन्हें आनन-फानन में तुरंत अस्पताल ले जाकर उनकी सर्जरी की गई।

इस हमले में उनके प्रेस सेक्रेटरी जेम्स ब्रैडी भी घायल हुए थे। उन्हें इतनी गंभीर चोट लगी कि वे जीवनभर के लिए विकलांग हो गए। इसी घटना के बाद अमेरिका में गन कंट्रोल कानूनों को और सख्त किया गया, जिसमें बैकग्राउंड चेक जैसी व्यवस्था शामिल हुई।

आज भी होटल वॉशिंगटन हिल्टन में उस जगह को याद रखने के लिए एक पट्टी लगी है। अब हाल ही में उसी लोकेशन पर हुई फायरिंग ने फिर से उस पुराने हमले की याद दिला दी है।

जॉन हिंकले जूनियर को नहीं हुई सजा; जानें वजह?

वॉशिंगटन हिल्टन होटल में प्रेसिडेंट के ऊपर खुलेआम गोली चलाने वाले शख्स को दोषी नहीं ठहराया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि उसने मानसिक अस्थिरता के कारण गोलियां चला दी थी। इसके बाद इलाज के लिए साल 1982 से 2016 तक उसे सेंट एलिजाबेथ अस्पताल के हाई-सिक्योरिटी जोन में रखा गया। फिर बाद में उसे रिहा कर दिया गया।

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