दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित दौड़ों में शामिल लंदन मैराथन का 46वां संस्करण रविवार को आयोजित होगा। इसमें 59 हजार से ज्यादा धावक हिस्सा लेंगे। इसी दौड़ में 88 साल के धावक हैरी न्यूटन यह साबित करने उतरेंगे कि दौड़ना सिर्फ युवाओं के लिए नहीं है। हैरी ‘लंदन मैराथन’ के सबसे बुजुर्ग एथलीट हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि मैकल्सफील्ड के रहने वाले और पेशे से दुकानदार हैरी ने 57 साल की उम्र में अचानक ही दौड़ना शुरू किया था। वे अब तक 31 मैराथन पूरी कर चुके हैं, जिनमें से 21 सिर्फ लंदन मैराथन हैं। उनका जज्बा ऐसा है कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान जब बाहर निकलना मना था, तब उन्होंने अपने घर के बगीचे के ही 461 चक्कर लगाकर एक मैराथन की दूरी पूरी कर ली थी। पहली बार मैराथन में हिस्सा लेने वाले नर्वस युवाओं को वे एक बेहद सीधी सलाह देते हैं- ‘शुरुआत में बहुत तेज दौड़ने की कोशिश न करें, अपनी रफ्तार एक समान रखें और दौड़ने से पहले फ्रेश जरूर हो लें।’ हैरी की 85 वर्षीय पत्नी फिलिस उनके इस अनोखे शौक पर हंसती हैं। हैरी बताते हैं, ‘वह अक्सर मुझे पागल कहती है और चाहती है कि मैं यह सब न करूं, लेकिन सच कहूं तो वह मेरी सबसे बड़ी समर्थक रही है। इस बार वह परिवार के करीब 20 सदस्यों के साथ मेरा हौसला बढ़ाने वहां मौजूद रहेगी।’ हैरी इस साल मैराथन के वीआईपी एरिया में रहेंगे, जहां उन्हें अपनी मर्जी से दौड़ शुरू करने की छूट होगी और प्राइवेट वॉशरूम जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। हैरी का यह सफर 1994 में एक चैरिटी के लिए फंड जुटाने के मकसद से शुरू हुआ था। उस वक्त उनके घुटनों में दिक्कत थी। मैराथन से एक हफ्ते पहले जब उन्होंने एक्स-रे कराया, तो डॉक्टर ने साफ कह दिया था कि उनके घुटने इस मैराथन का दबाव नहीं झेल पाएंगे। लेकिन स्पॉन्सरशिप के पैसों की वजह से हैरी ने हार नहीं मानी। पहली मैराथन उन्होंने थोड़ा पैदल चलकर और थोड़ा दौड़कर 5 घंटे 10 मिनट में पूरी की। हालांकि इसके बाद एक महीने तक उनके पूरे शरीर में दर्द रहा, लेकिन उन्हें दौड़ने का ऐसा चस्का लगा कि फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 70 साल की उम्र में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ समय (3 घंटे, 52 मिनट और 30 सेकेंड) निकाला था। इस रविवार को हैरी एक खास ‘सुपर शूज’ पहनकर दौड़ने वाले हैं, जिन्हें उन्होंने हाल ही में एक सेल से खरीदा है। अपनी उम्र के लोगों को सलाह देते हुए हैरी कहते हैं कि चोट से बचने के लिए फिजियोथेरेपिस्ट की मदद लें और मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज जरूर करें। हैरी कहते हैं, ‘कुछ साल पहले मैंने भी नहीं सोचा था कि मैं 88 की उम्र में दौड़ रहा होऊंगा। हर साल मेरी रफ्तार थोड़ी कम जरूर होगी, क्योंकि उम्र का असर तो पड़ता ही है, लेकिन जब तक मेरा शरीर मेरा साथ देगा, मैं दौड़ना जारी रखूंगा।’ दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित दौड़ों में शामिल लंदन मैराथन का 46वां संस्करण रविवार को आयोजित होगा। इसमें 59 हजार से ज्यादा धावक हिस्सा लेंगे। इसी दौड़ में 88 साल के धावक हैरी न्यूटन यह साबित करने उतरेंगे कि दौड़ना सिर्फ युवाओं के लिए नहीं है। हैरी ‘लंदन मैराथन’ के सबसे बुजुर्ग एथलीट हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि मैकल्सफील्ड के रहने वाले और पेशे से दुकानदार हैरी ने 57 साल की उम्र में अचानक ही दौड़ना शुरू किया था। वे अब तक 31 मैराथन पूरी कर चुके हैं, जिनमें से 21 सिर्फ लंदन मैराथन हैं। उनका जज्बा ऐसा है कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान जब बाहर निकलना मना था, तब उन्होंने अपने घर के बगीचे के ही 461 चक्कर लगाकर एक मैराथन की दूरी पूरी कर ली थी। पहली बार मैराथन में हिस्सा लेने वाले नर्वस युवाओं को वे एक बेहद सीधी सलाह देते हैं- ‘शुरुआत में बहुत तेज दौड़ने की कोशिश न करें, अपनी रफ्तार एक समान रखें और दौड़ने से पहले फ्रेश जरूर हो लें।’ हैरी की 85 वर्षीय पत्नी फिलिस उनके इस अनोखे शौक पर हंसती हैं। हैरी बताते हैं, ‘वह अक्सर मुझे पागल कहती है और चाहती है कि मैं यह सब न करूं, लेकिन सच कहूं तो वह मेरी सबसे बड़ी समर्थक रही है। इस बार वह परिवार के करीब 20 सदस्यों के साथ मेरा हौसला बढ़ाने वहां मौजूद रहेगी।’ हैरी इस साल मैराथन के वीआईपी एरिया में रहेंगे, जहां उन्हें अपनी मर्जी से दौड़ शुरू करने की छूट होगी और प्राइवेट वॉशरूम जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। हैरी का यह सफर 1994 में एक चैरिटी के लिए फंड जुटाने के मकसद से शुरू हुआ था। उस वक्त उनके घुटनों में दिक्कत थी। मैराथन से एक हफ्ते पहले जब उन्होंने एक्स-रे कराया, तो डॉक्टर ने साफ कह दिया था कि उनके घुटने इस मैराथन का दबाव नहीं झेल पाएंगे। लेकिन स्पॉन्सरशिप के पैसों की वजह से हैरी ने हार नहीं मानी। पहली मैराथन उन्होंने थोड़ा पैदल चलकर और थोड़ा दौड़कर 5 घंटे 10 मिनट में पूरी की। हालांकि इसके बाद एक महीने तक उनके पूरे शरीर में दर्द रहा, लेकिन उन्हें दौड़ने का ऐसा चस्का लगा कि फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 70 साल की उम्र में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ समय (3 घंटे, 52 मिनट और 30 सेकेंड) निकाला था। इस रविवार को हैरी एक खास ‘सुपर शूज’ पहनकर दौड़ने वाले हैं, जिन्हें उन्होंने हाल ही में एक सेल से खरीदा है। अपनी उम्र के लोगों को सलाह देते हुए हैरी कहते हैं कि चोट से बचने के लिए फिजियोथेरेपिस्ट की मदद लें और मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज जरूर करें। हैरी कहते हैं, ‘कुछ साल पहले मैंने भी नहीं सोचा था कि मैं 88 की उम्र में दौड़ रहा होऊंगा। हर साल मेरी रफ्तार थोड़ी कम जरूर होगी, क्योंकि उम्र का असर तो पड़ता ही है, लेकिन जब तक मेरा शरीर मेरा साथ देगा, मैं दौड़ना जारी रखूंगा।’
स्पोर्ट्स | दैनिक भास्कर


