बरेली। नैनीताल रोड स्थित त्रिवटीनाथ मंदिर क्षेत्र की बीडीए कॉलोनी में लगे लाल निशानों को लेकर चल रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। प्रशासन ने मामले में तेजी दिखाते हुए कॉलोनी को पूरी तरह वैध घोषित कर दिया है। बुधवार को हुई अहम बैठक में यह फैसला लिया गया कि पूरे विवादित इलाके की नए सिरे से पैमाइश कराई जाएगी, ताकि जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
अधिकारियों की बैठक में हुआ बड़ा फैसला
नगर निगम परिसर में अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय की अध्यक्षता में बीडीए, नगर निगम और राजस्व विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई। इस दौरान बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने दस्तावेज पेश करते हुए साफ किया कि कॉलोनी नियमानुसार भूमि अधिग्रहण के बाद विकसित की गई थी और इसके सभी नक्शे बीडीए द्वारा स्वीकृत हैं। अधिकारियों ने रिकॉर्ड का मिलान करने के बाद जमीनी स्तर पर जांच जरूरी मानी।
संयुक्त टीम करेगी मौके पर जांच
बैठक में तय हुआ कि बीडीए, तहसील और नगर निगम की संयुक्त टीम मौके पर जाकर पूरे क्षेत्र की पैमाइश करेगी। इसके लिए पहले ही बीडीए के नक्शों का नगर निगम और तहसील के राजस्व रिकॉर्ड से मिलान किया जा चुका है। जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों की टीम स्थानीय निवासियों के साथ बैठक कर रिपोर्ट साझा करेगी और स्थिति स्पष्ट करेगी।
600 से ज्यादा भवनों पर लगे हैं लाल निशान
दरअसल, नगर निगम सीएम ग्रिड योजना के तहत नैनीताल रोड के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का काम कर रहा है। इसी के तहत करीब 600 से अधिक भवनों पर लाल निशान लगाकर नोटिस जारी किए गए हैं। बीडीए कॉलोनी के बाहरी हिस्से पर भी निशान लगाए जाने से विवाद खड़ा हो गया।
पुराने नक्शे को लेकर उठे सवाल
नगर निगम इस कार्रवाई के लिए 1920 के पुराने नक्शे को आधार बना रहा है, जिस पर कॉलोनीवासियों ने कड़ी आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि बीडीए द्वारा विकसित और स्वीकृत कॉलोनी पर इस तरह की कार्रवाई गलत है। विवाद को सुलझाने के लिए ही प्रशासन ने संयुक्त बैठक बुलाकर अब नए सिरे से पैमाइश का फैसला लिया है।


