मोतिहारी-इंजीनियरिंग कॉलेज में रैगिंग को लेकर भिड़े 2 गुट:2025-26 बैच के छात्रों के बीच 2 दिनों से चल रहा था विवाद, हॉस्टल में मारपीट

मोतिहारी-इंजीनियरिंग कॉलेज में रैगिंग को लेकर भिड़े 2 गुट:2025-26 बैच के छात्रों के बीच 2 दिनों से चल रहा था विवाद, हॉस्टल में मारपीट

मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज में रैगिंग को लेकर छात्रों के दो गुट शुक्रवार को आपस में भिड़ गए। हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के बीच जमकर मारपीट हुई। घटना के बाद कॉलेज परिसर में अफरातफरी मच गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बीच बीच-बचाव की कोशिश की। घटना के बाद कॉलेज परिसर और हॉस्टल में तनाव का माहौल बना रहा। 2025 और 2026 बैच के छात्रों के बीच विवाद कॉलेज के कुछ छात्रों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि 2025 और 2026 बैच के छात्रों के बीच रैगिंग को लेकर दो दिनों से विवाद चल रहा था। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए। धीरे-धीरे विवाद बढ़ता गया और शुक्रवार को दोनों गुट आमने-सामने आ गए। हॉस्टल में मारपीट के बाद पहुंची पुलिस विवाद ने शुक्रवार को उस समय हिंसक रूप ले लिया, जब हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के बीच मारपीट शुरू हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रों को शांत कराने और स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया। कॉलेज प्रशासन पर हस्तक्षेप नहीं करने का आरोप छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन को दोनों गुटों के बीच चल रहे विवाद की जानकारी थी, लेकिन समय रहते इसे सुलझाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। छात्रों के मुताबिक, शुरुआत में ही हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया जाता तो मामला इतना नहीं बढ़ता। रैगिंग रोकने की व्यवस्था पर उठे सवाल घटना के बाद छात्रों ने कॉलेज में रैगिंग रोकने और हॉस्टल में अनुशासन बनाए रखने की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कॉलेज परिसर में तनाव के बीच प्रशासन की भूमिका और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। कॉलेज प्रशासन- पुलिस बयान का इंतजार फिलहाल घटना को लेकर कॉलेज प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मारपीट में कितने छात्र घायल हुए और मामले में किसी तरह की शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं, इसकी भी पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद रैगिंग की शिकायतों और कॉलेज की एंटी रैगिंग व्यवस्था की प्रभावशीलता की जांच जरूरी हो गई है। मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज में रैगिंग को लेकर छात्रों के दो गुट शुक्रवार को आपस में भिड़ गए। हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के बीच जमकर मारपीट हुई। घटना के बाद कॉलेज परिसर में अफरातफरी मच गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बीच बीच-बचाव की कोशिश की। घटना के बाद कॉलेज परिसर और हॉस्टल में तनाव का माहौल बना रहा। 2025 और 2026 बैच के छात्रों के बीच विवाद कॉलेज के कुछ छात्रों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि 2025 और 2026 बैच के छात्रों के बीच रैगिंग को लेकर दो दिनों से विवाद चल रहा था। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए। धीरे-धीरे विवाद बढ़ता गया और शुक्रवार को दोनों गुट आमने-सामने आ गए। हॉस्टल में मारपीट के बाद पहुंची पुलिस विवाद ने शुक्रवार को उस समय हिंसक रूप ले लिया, जब हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के बीच मारपीट शुरू हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने छात्रों को शांत कराने और स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया। कॉलेज प्रशासन पर हस्तक्षेप नहीं करने का आरोप छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन को दोनों गुटों के बीच चल रहे विवाद की जानकारी थी, लेकिन समय रहते इसे सुलझाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। छात्रों के मुताबिक, शुरुआत में ही हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया जाता तो मामला इतना नहीं बढ़ता। रैगिंग रोकने की व्यवस्था पर उठे सवाल घटना के बाद छात्रों ने कॉलेज में रैगिंग रोकने और हॉस्टल में अनुशासन बनाए रखने की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कॉलेज परिसर में तनाव के बीच प्रशासन की भूमिका और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। कॉलेज प्रशासन- पुलिस बयान का इंतजार फिलहाल घटना को लेकर कॉलेज प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मारपीट में कितने छात्र घायल हुए और मामले में किसी तरह की शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं, इसकी भी पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद रैगिंग की शिकायतों और कॉलेज की एंटी रैगिंग व्यवस्था की प्रभावशीलता की जांच जरूरी हो गई है।  

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