जैसलमेर में जमीन फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस हिरासत में तबीयत बिगड़ने के बाद जोधपुर रेफर किए गए 68 साल के नरेश कुमार की एमडीएम अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। गुरुवार को मेडिकल बोर्ड की ओर से उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश से परिजनों के गुरुवार सुबह जोधपुर पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मामले में न्यायिक जांच भी शुरू हो गई है। पुलिस हिरासत में बिगड़ी थी तबीयत शहर कोतवाल प्रेमाराम विश्नोई के अनुसार, जमीन फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने नरेश कुमार को हिमाचल प्रदेश से पकड़ा था। 13 अक्टूबर की शाम जैसलमेर में पुलिस हिरासत के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उन्हें तत्काल जोधपुर के एमडीएम अस्पताल रेफर किया गया, जहां बुधवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस हिरासत में मौत का मामला सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है। हिमाचल प्रदेश से जोधपुर पहुंचे परिजन घटना की सूचना मिलने पर नरेश कुमार के परिजन गुरुवार सुबह हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से जोधपुर पहुंचे। इनमें उनका बेटा राजकुमार, दामाद निशांत, दामाद का भाई और गांव का एक अन्य व्यक्ति शामिल हैं। परिजनों के पहुंचने के बाद पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने की प्रक्रिया शुरू की। पोस्टमार्टम की पूरी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। न्यायिक मजिस्ट्रेट करेंगे जांच शहर कोतवाल प्रेमाराम विश्नोई ने बताया कि नरेश कुमार की मौत के मामले में न्यायिक जांच शुरू कर दी गई है। जैसलमेर के न्यायिक मजिस्ट्रेट पूरे घटनाक्रम और पुलिस कार्रवाई की जांच करेंगे। जांच में हिरासत के दौरान बरती गई सावधानियों, पुलिस की भूमिका और चिकित्सा से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जाएगी। परिजनों के बयान भी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किए जाएंगे। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के आधिकारिक कारणों का पता चल सकेगा।

