कोटा यूनिवर्सिटी में बॉक्सिंग ट्रायल में रिंग से गिरे खिलाड़ी:एक के सिर में आई चोट, एक्सपर्ट बोले- नियमों के खिलाफ कराई जा रही ट्रायल

कोटा यूनिवर्सिटी में बॉक्सिंग ट्रायल में रिंग से गिरे खिलाड़ी:एक के सिर में आई चोट, एक्सपर्ट बोले- नियमों के खिलाफ कराई जा रही ट्रायल

कोटा यूनिवर्सिटी में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी बॉक्सिंग प्रतियोगिता के लिए ट्रायल के दौरान खिलाड़ियों रिंग से नीचे गिर गए। एक बॉक्सर के सिर में चोट लग गई। इंटरनेशनल बॉक्सिंग के क्वालिफाइड रेफरी ने रिंग की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। दरअसल, फिजिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट में बॉक्सिंग रिंग के अंदर दो खिलाड़ियों के बीच मुकाबला चल रहा था। इसी दौरान रिंग के चारों ओर लगी रस्सियां ढीली होने से एक खिलाड़ी का बैलेंस बिगड़ गया। वह नीचे गिरा और उसने उसके साथ फाइट कर रहे दूसरे खिलाड़ी को भी खींचकर गिरा दिया। हादसे में बॉक्सर सूरज के सिर में चोट आई। खिलाड़ियों का आरोप है कि रिंग की स्थिति ठीक नहीं थी और सुरक्षा के इंतजामों में लापरवाही बरती गई। दो मैच जीतने के बाद भी नहीं खेल पाया तीसरा मुकाबला ट्रायल में शामिल बॉक्सर सूरज ने बताया कि मंगलवार को उसने दो मुकाबले जीते थे। तीसरे मुकाबले के दौरान रिंग की रस्सियां ढीली होने के कारण सामने वाले खिलाड़ी का संतुलन बिगड़ गया। उसने सूरज का हाथ पकड़ लिया, जिससे दोनों नीचे गिर गए और सूरज के सिर में चोट आई। सूरज का आरोप है कि इसके बाद उसका तीसरा मुकाबला दोबारा नहीं करवाया गया और बिना मैच खेले ही सामने वाले खिलाड़ी को विजेता घोषित कर दिया गया। सूरज को बॉक्सिंग खेलते हुए ढाई साल हो चुके हैं। रेफरी की जिम्मेदारी पर उठाए सवाल इंटरनेशनल बॉक्सिंग के क्वालिफाइड रेफरी-जज सुरेंद्र कुमार सोलंकी ने ट्रायल की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बॉक्सिंग रिंग को पूरी तरह टाइट रखना और मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेफरी की जिम्मेदारी है। रिंग ढीली होने से खिलाड़ी की गर्दन में गंभीर चोट लग सकती थी या जान भी जा सकती थी। सोलंकी ने एक ही दिन में ट्रायल करवाने और खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम नहीं देने पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि ट्रायल निर्धारित नियमों के अनुसार होनी चाहिए। बॉक्सिंग मैच को सुरक्षित और नियमों के अनुसार संचालित करने के लिए रिंग के अंदर और बाहर 5 से 7 अधिकारी तैनात होते हैं। इनमें रिंग के अंदर एक रेफरी, रिंग के चारों ओर 3 या 5 जज, एक या दो टाइमकीपर, रिंगसाइड डॉक्टर और मैच की निगरानी के लिए एक सुपरवाइजर शामिल होते हैं। रेफरी की मुख्य जिम्मेदारी मुकाबले को नियंत्रित करने के साथ खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। खेल डायरेक्टर बोले- दोबारा ट्रायल का विकल्प खुला कोटा यूनिवर्सिटी के खेल डायरेक्टर विजय सिंह ने कहा कि सूरज फाइनल मुकाबला खेलने से मना कर चुका था। उनके अनुसार, ट्रायल नियमों के मुताबिक करवाई गई है। अगर खिलाड़ी को लगता है कि उसकी ट्रायल पूरी नहीं हुई, तो टूर्नामेंट की तारीख आने से पहले दोबारा ट्रायल करवाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि 11 वेट कैटेगरी में 32 बॉक्सर ट्रायल देने पहुंचे थे। प्रत्येक कैटेगरी से एक खिलाड़ी का चयन कर ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता के लिए भेजा जाएगा।

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