तरनतारन के पट्टी में बेमौसम बारिश और तेज तूफान ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। अचानक बदले मौसम से खेतों में खड़ी फसलें और मंडियों में रखा धान भीग गया। इससे किसानों को फसल खराब होने और नुकसान का डर सता रहा है। पट्टी क्षेत्र में बुधवार सुबह से ही मौसम बदल गया था। दोपहर करीब तीन बजे तेज बारिश और तूफान आया। तेज हवाओं से कई पेड़ टूट गए और कुछ जड़ से उखड़ गए, जिससे लोगों को दिक्कत हुई। तिरपाल से धान ढकने की कोशिश की मंडियों में खुले में पड़ा धान भीगने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने तिरपाल से धान ढकने की कोशिश की, लेकिन अचानक बारिश से उसे पूरी तरह बचाना मुश्किल हो गया। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। भीगे धान का जल्द सर्वेक्षण करवाया जाए किसानों भोला सिंह और गुरचेत सिंह ने सरकार और संबंधित प्रशासन से मांग की है कि बारिश से प्रभावित फसलों तथा मंडियों में भीगे धान का जल्द सर्वेक्षण करवाया जाए और नुकसान का उचित आकलन करके प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि पहले ही खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बेमौसमी बारिश से हुआ नुकसान उनकी आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है। देखिए बारिश के बाद के कुछ PHOTOS… बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने में जुटे उधर, खेतीबाड़ी विभाग के अधिकारी डॉ. भूपिंदर सिंह ने कहा कि वे बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं। नुकसान की वास्तविक स्थिति का पता सर्वेक्षण पूरा होने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल पट्टी इलाके के किसान मौसम की मार से परेशान हैं और सरकार से राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

