जैसलमेर जिले के लोगों के लिए आखिरकार तीन दशक का लंबा इंतजार खत्म हो गया है। स्थानीय जवाहिर हॉस्पिटल में तीन बेड का आधुनिक आईसीयू सेंटर शुरू कर दिया गया है, जिससे गंभीर मरीजों को अब इलाज के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना होगा। हॉस्पिटल के पीएमओ डॉ. रविंद्र सांखला के पिछले एक महीने से चल रहे प्रयास से करीब 30 साल बाद आईसीयू शुरू होगा। अब नहीं होंगे दिल के मरीज रेफर डॉ. सी.एल. डाबरिया ने बताया- इस नए आईसीयू सेंटर को आधुनिक उपकरणों से पूरी तरह लैस किया गया है। यहां अनुभवी डॉक्टर्स, सर्जन्स और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की विशेष टीम को तैनात किया गया है, जो चौबीसों घंटे गंभीर मरीजों की देखभाल के लिए मुस्तैद रहेगी। अब तक गंभीर हालत होने पर मरीजों को जोधपुर या अन्य बड़े शहरों के लिए रेफर करना मजबूरी होता था, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी आर्थिक व मानसिक परेशानी उठानी पड़ती थी। वेंटिलेटर की आधुनिक सुविधा मौजूद डॉ. सी.एल. डाबरिया ने बताया कि अब लोगों को रेफर नहीं करना पड़ेगा, वेंटिलेटर के साथ सुविधा मिलेगी। हालांकि, हेड इंजरी और गंभीर कार्डियक मामलों में जरूरत पड़ने पर ही उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफरल की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में यह एक बहुत ही अहम कदम है, जिससे सीमावर्ती जैसलमेर की चिकित्सा व्यवस्था को नई मजबूती मिली है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अब तक गंभीर हालत होने पर मरीजों को जोधपुर या अन्य बड़े शहरों के लिए रेफर करना मजबूरी होता था, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी आर्थिक व मानसिक परेशानी उठानी पड़ती थी।

