भाजपा विधायक इंद्र सिंह गांधी ने मंडी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं और छात्रों पर कथित बल प्रयोग की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठाना हर नागरिक और छात्र का अधिकार है। छात्रों की आवाज सुनने के बजाय बल प्रयोग करना सरकार की युवा विरोधी सोच को दर्शाता है। गांधी ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य मंडी सहित पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार विश्वविद्यालय का दायरा कम कर उसे कमजोर करने का प्रयास कर रही है। छात्रों से संवाद कर समस्याओं का समाधान करे सरकार विधायक ने कहा कि छात्र संगठन फीस वृद्धि सहित विद्यार्थियों से जुड़े कई मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं। सरकार को छात्रों से संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय धक्का-मुक्की और बल प्रयोग किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। युवाओं से किए वादे पूरे न करने का आरोप गांधी ने कांग्रेस पर युवाओं से किए वादे पूरे न करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले प्रति वर्ष एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया गया था। हालांकि, चार वर्ष बीतने के बाद भी प्रदेश का युवा रोजगार के लिए भटक रहा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने सत्ता पाने के लिए पहले भी युवाओं को ठगा है। छात्रों पर कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग गांधी ने जोर देकर कहा कि हिमाचल के युवाओं को लॉटरी का टिकट नहीं, रोजगार चाहिए। उन्होंने सरकार से युवाओं के लिए स्थायी रोजगार के अवसर पैदा करने की मांग की। गांधी ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से छात्रों पर हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच करवाने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने और सरदार पटेल विश्वविद्यालय को कमजोर करने के बजाय उसे और मजबूत करने का आग्रह किया।

