शाहजहांपुर में एक पति अपनी पत्नी के पोस्टमार्टम के लिए 15 घंटे से इंतजार कर रहा है। गुरुवार दोपहर एक सड़क हादसे में घायल होने के बाद 24 वर्षीय सत्यवती की करीब तीन बजे मौत हो गई थी। पति का आरोप है कि पुलिस लाइन से आवश्यक कागजात न आने के कारण पोस्टमार्टम में देरी हो रही है। कटरा थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव निवासी अमित अपनी पत्नी सत्यवती को बुखार की दवा दिलाकर गुरुवार दोपहर करीब एक बजे लौट रहे थे। मकान से लगभग एक किलोमीटर दूर खड़सार के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। सत्यवती सड़क पर गिर गईं और ट्रैक्टर का पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से घायल सत्यवती को अस्पताल ले जाया गया, जहां दोपहर करीब तीन बजे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को रात करीब दस बजे पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। रात में पोस्टमार्टम न होने के कारण परिवार वापस लौट गया था। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे परिवार पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। थाने के एक कांस्टेबल की पुलिस लाइन से पोस्टमार्टम संबंधी कागजात लाने की जिम्मेदारी होती। मृतका के पति अमित का आरोप है कि वह सुबह नौ बजे से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सिपाही ‘दस-दस मिनट’ का कहकर टाल रहा है। अमित ने बताया कि दोपहर के दो बज चुके हैं, लेकिन कांस्टेबल अभी तक पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचा है और शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। परिजनों ने चिंता व्यक्त की कि कुछ घंटों बाद रात हो जाएगी और उन्हें करीब पचास किलोमीटर दूर शव ले जाकर अंतिम संस्कार करना है। उन्होंने इस लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। परिजनों ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम तौर पर प्रभावशाली लोगों के लिए रात में भी पोस्टमार्टम की व्यवस्था की जाती है, जबकि सामान्य लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।

