सिवनी जिले में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और दुकानों की साफ-सफाई को लेकर कार्रवाई तेज कर दी है। जुलाई से 10 सितंबर तक अपर कलेक्टर न्यायालय ने खाद्य नियमों का उल्लंघन करने वाले 11 कारोबारियों पर कुल 1 लाख 80 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जिले के अलग-अलग इलाकों से दूध, नमकीन और किराना सामान समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। जुलाई से अब तक जिन मामलों में जुर्माना लगा है, उनमें साईं प्रसाद टाइगर रिसोर्ट पर साफ-सफाई के बिना खाना बनाने के लिए 25 हजार रुपए का जुर्माना शामिल है। हीरालाल सूर्यवंशी, भटेखारी किराना स्टोर और धूमा के पवन शिवहरे पर बिना रजिस्ट्रेशन के कारोबार करने के लिए 20-20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। मनोहर अमृत तुल्य चाय पर खराब खाद्य सामग्री बेचने के लिए 10 हजार रुपए, अभिषेक बघेल पर गुटखा बेचने के लिए 10 हजार रुपए और पुनवारा लखनादौन के दूध विक्रेता किशोरी लाल यादव पर 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। यहां से लिए सैंपल खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी सोनू तिवारी ने गुरुवार शाम 7 बजे बताया कि विभाग की टीम दूध बेचने वालों, डेयरी, होटल और किराना दुकानों की जांच कर रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को कहानी स्थित सोनू दूध डेयरी से भैंस के दूध का नमूना लिया गया। बालाजी होटल से नमकीन, सेव पोहा और मैदा के नमूने जांच के लिए लिए गए। अरी में आरवी दूध संकलन केंद्र पर रैपिड टेस्टिंग किट से दूध की मौके पर जांच की गई, जिसमें दूध सही पाया गया। इसके अलावा, अरी-बरघाट इलाके की आशीष किराना दुकान से पान पराग पान मसाला, पटेल किराना स्टोर से मूंगफली और मिक्स नमकीन के नमूने लिए गए। नीरज किराना स्टोर से सूजी और तुअर दाल के नमूने भी लिए गए हैं। इन सभी नमूनों की जांच भोपाल की राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में की जाएगी। सिवनी के इंडियन कॉफी हाउस की रसोई और खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान का भी निरीक्षण किया गया।

