कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में बड़ी कार्रवाई की गई है। अलग-अलग मामलों में दोषी पाए गए तीन कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए एक को बर्खास्त, एक को निलंबित और एक का डिमोशन किया गया है। यह कार्रवाई केडीए सचिव अभय कुमार पांडेय की जांच रिपोर्ट के बाद की गई। मुखर्जी विहार में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फ्री-होल्ड रजिस्ट्री किए जाने के मामले में लिपिक प्रदीप कुमार सविता को दोषी पाया गया। जांच के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं, स्वराज नगर पनकी में एक प्लॉट का दोबारा आवंटन कर विवाद पैदा करने के मामले में वरिष्ठ लिपिक कश्यप कांत दुबे पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। इसके अलावा लैंड बैंक में तैनाती के दौरान किसान से 12 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में अमीन संतोष कुमार का डिमोशन किया गया है। इस कार्रवाई से केडीए के बाबू और अधिकारियों के बीच हलचल मच गई है। खबर अपडेट की जा रही है।

