बालाघाट में 12 सितंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत में जिले के अधिवक्ता शामिल नहीं होंगे। जिला अधिवक्ता संघ ने इस दिन न्यायालय के काम से भी दूर रहने का फैसला लिया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि नए न्यायालय भवन के लिए जमीन आवंटित होने के बावजूद निर्माण के लिए अब तक राशि जारी नहीं की गई है। जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष प्रवेश मलेवार ने गुरुवार को बार रूम में प्रेस वार्ता में बताया कि मौजूदा न्यायालय और बार रूम की इमारत दशकों पुरानी और जर्जर हो चुकी है। नए भवन के लिए 9 एकड़ 87 डिसमिल जमीन आवंटित हो चुकी है, लेकिन सरकार से निर्माण राशि नहीं मिली है। जर्जर भवन में काम करने की मजबूरी अधिवक्ता संघ के अनुसार मौजूदा न्यायालय और बार रूम की हालत खराब है। यहां न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और पक्षकारों को परेशानी होती है। संघ का कहना है कि भवन की स्थिति को देखते हुए नया न्यायालय भवन जरूरी है। जमीन आवंटित, निर्माण राशि का इंतजार संघ के प्रयासों से नए न्यायालय भवन के लिए 9 एकड़ 87 डिसमिल जमीन आवंटित हो चुकी है। अध्यक्ष के अनुसार राशि जारी कराने के लिए चीफ जस्टिस और मुख्यमंत्री से मुलाकात के साथ पत्राचार भी किया गया, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन मिले हैं। 12 सितंबर को न्यायालय से भी दूर रहेंगे अधिवक्ताओं ने तय किया है कि 12 सितंबर को वे नेशनल लोक अदालत की किसी प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे। साथ ही जिले के सभी अधिवक्ता न्यायालय के काम से दूर रहेंगे। मांग नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी प्रवेश मलेवार ने कहा कि अगर नए न्यायालय भवन के लिए राशि जारी करने की मांग पर विचार नहीं किया गया तो अधिवक्ता आगे धरना-प्रदर्शन, आंदोलन और बालाघाट बंद जैसे कदम उठा सकते हैं।

