रजौड़ा में एसएच-55 की मरम्मत शुरू:दैनिक भास्कर की खबर का हुआ असर, एक दिन पहले पलटी थी ई-रिक्शा

रजौड़ा में एसएच-55 की मरम्मत शुरू:दैनिक भास्कर की खबर का हुआ असर, एक दिन पहले पलटी थी ई-रिक्शा

बेगूसराय सदर के रजौड़ा चौक स्थित सरस्वती मंदिर के पास एसएच-55 की जर्जर सड़क का मरम्मत कार्य शुक्रवार को शुरू हो गया। दैनिक भास्कर में सड़क की बदहाली को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। गुरुवार इसी स्थान पर ई-रिक्शा पलट गया था, जिसमें सवार कई यात्रियों को चोट लगी थी। रजौड़ा चौक के समीप लगभग 500 मीटर लंबी यह सड़क लंबे समय से खराब स्थिति में थी। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बारिश के मौसम में इस हिस्से में घंटों जलजमाव रहता है। पानी भर जाने से सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे ई-रिक्शा और अन्य छोटे वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। शुक्रवार को मरम्मत कार्य शुरू होने से स्थानीय लोगों ने कुछ राहत महसूस की है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल ऊपरी सतह की मरम्मत है और इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस हिस्से में सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाए और जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए। उनका तर्क है कि बरसात में जलजमाव के कारण सड़क को नुकसान पहुंचता है और अस्थायी मरम्मत के बाद भी सड़क के जल्द खराब होने की आशंका बनी रहती है। बेगूसराय सदर के रजौड़ा चौक स्थित सरस्वती मंदिर के पास एसएच-55 की जर्जर सड़क का मरम्मत कार्य शुक्रवार को शुरू हो गया। दैनिक भास्कर में सड़क की बदहाली को लेकर खबर प्रकाशित होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। गुरुवार इसी स्थान पर ई-रिक्शा पलट गया था, जिसमें सवार कई यात्रियों को चोट लगी थी। रजौड़ा चौक के समीप लगभग 500 मीटर लंबी यह सड़क लंबे समय से खराब स्थिति में थी। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। बारिश के मौसम में इस हिस्से में घंटों जलजमाव रहता है। पानी भर जाने से सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे ई-रिक्शा और अन्य छोटे वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। शुक्रवार को मरम्मत कार्य शुरू होने से स्थानीय लोगों ने कुछ राहत महसूस की है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल ऊपरी सतह की मरम्मत है और इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस हिस्से में सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाए और जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए। उनका तर्क है कि बरसात में जलजमाव के कारण सड़क को नुकसान पहुंचता है और अस्थायी मरम्मत के बाद भी सड़क के जल्द खराब होने की आशंका बनी रहती है।  

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